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द ग्रेट इंडियन वैडिंग तमाशा

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द ग्रेट इंडियन वैडिंग तमाशा:--
ये मेरे मित्र की मति का शहादत दिवस है। आज वोशादी कर रहा है। मैं तय समय से एक घंटे बाद सीधे विवाह स्थल पहुंचता हूं, मगर लोग बताते हैं कि बारात आने में अभी आधा घंटा बाकी है। मैं समझ गया हूं कि शादी पूरी भारतीय परम्पराके मुताबिक हो रही है। तभी मेरी नज़र कन्या पक्ष की सुंदर और आंशिक सुंदर लड़कियों पर पड़ती है। सभी मेकअप और गलतफहमी के बोझ से लदी पड़ी हैं। इस इंतज़ार में कि कब बारात आए और वर पक्ष का एक-एक लड़का खाने से पहले, उन्हें देख गश खाकर बेहोश हो जाए।तभी ध्वनि प्रदूषण के तमाम नियमों की धज्जियां उड़ाती हुई बारात
पैलेस के मुख्य द्वार तक पहुंचती है। ये देख कि उनके स्वागत में दस-बारह
लड़कियां मुख्य द्वार पर खड़ी हैं, नाच- नाच कर लगभग बेहोश हो चुके दोस्त, फिर उसी उत्साह से नाचने लगते हैं। किराए की शेरवानी में घोड़ी पर बैठा मित्र पुराने ज़माने का दरबारी कवि लग रहा है। उम्र को झुठलाती कुछ
आंटियां सजावट में घोडी को सीधी टक्कर दे रहीहैं और लगभग टुन्न हो चुके कुछ अंकल,जो पैरों पर चलने की स्थिति में नहीं हैं,धीरे-धीरे हवा के वेग से मैरिज हॉल में प्रवेश करते हैं।

अंदर आते ही बारात का एक बड़ाहिस्सा

चिरकुट बाबा का CoMpUtEr SoNg

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फेसबुक सा फेस है तेरा, गूगल सी हैं आँखें,
एंटर करके सर्च करूँ तो बस मुझको ही ताकें,
रेडिफ जैसे लाल गाल तेरे हॉटमेल से होंठ,
बलखा के चलती है जब तू लगे जिगर पे चोट,
सुराही दार गर्दन तेरी लगती ज्यों जी-मेल,
अपने दिल के इंटरनेट पर पढ़ मेरा ई-मेल,
मैंने अपने प्यार का फारम कर दिया है अपलोड,
लव का माउस क्लिक कर जानम कर इसे डाउनलोड,
हुआ मैं तेरे प्यार में जोगी, तू बन जा मेरी जोगिन,
अपने दिल की वेबसाईट पर कर ले मुझको लोगिन,

RTU ka Welcum


Hawa me udta aaya..
Ek halka sa paper..
Yeh ek bas..
Mann ka vaham tha..
Na aage side se kuch aave..
Na paper ki pichli side se..
Sach toh yeh hai..
Kisi bhi angel se kuch naa aave..
Tha thoda deeply..
Jaise paatal lok me baithkar banaya ho..
Sabke chehre pe..
Ek ajeeb khushi..
Jo sirf baahar se thi..

'कसाब'

जब कसाब सरेआम लोगो को मार सकता है तो उसे सरेआम सबके सामने फाँसी क्यूँ नही दी गई....26/11 के वक्त जब लोगो पर गोलीबारी चल रही थी....लोग तड़प तडप के मर रहे थे, तब देश का मीङिया अपनी जान जोखिम में डालकर LIVE TELECAST कर रहा था....तो कसाब की मौत का LIVE TELECAST क्यूँ नही?....

हाल-ए-दर्द स्टुडेण्ट का....



सर्दी में जल्दी उठता,
जाता क्लास में पढने,
नहीं आते उस दिन गुरूजी,
फिर विश्वास उठ जाता पढाई से,
एक दिन वो नहीं आते,
एक दिन हम नहीं जाते,
बस यूहीं पूरा सेमेस्टर निकल जाता हैं,
ऐ खुदा! कैसे सुनाऊँ,
हाल-ए-दर्द स्टुडेण्ट का.... 

गुरूजी कहते,
दिल लगाकर पढो बच्चो,
जरूर सफलता मिलेगी,
दिल तो एक दिन भी नही करता,