12.12.12 को राजस्थान सरकार के 4 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सरकार
अपनी उपलब्धिया गिना रही हैं, कह रह हैं कि सरकार ने गरीब परिवारो को 2
रूपये किलो गेहूँ दिये, पर जनाब उन गेहूँ से रोटी बनाने के लिये केरोसिन
के दाम बढा दिये उसका क्या? फिर ये गेहूँ क्या भाव पडे उन गरीब परीवारो
को? सरकार बस जनता को चुटिया बनाना जानती है। दो दिन पहले का उदाहरण ही
ले लो, मोइली साहब ऐलान करते है कि 6 की जगह 9 सिलेण्डर मिलेगें और अगले
ही दिन केन्द्र से बयान आता हैं कि सिलेण्डर के दाम 109 रूपये बढा दिये
जायेगें क्यूकिं सरकार को 9000 करोङ का घाटा हो रहा है,
इसका मतलब ये हुआ
अपनी उपलब्धिया गिना रही हैं, कह रह हैं कि सरकार ने गरीब परिवारो को 2
रूपये किलो गेहूँ दिये, पर जनाब उन गेहूँ से रोटी बनाने के लिये केरोसिन
के दाम बढा दिये उसका क्या? फिर ये गेहूँ क्या भाव पडे उन गरीब परीवारो
को? सरकार बस जनता को चुटिया बनाना जानती है। दो दिन पहले का उदाहरण ही
ले लो, मोइली साहब ऐलान करते है कि 6 की जगह 9 सिलेण्डर मिलेगें और अगले
ही दिन केन्द्र से बयान आता हैं कि सिलेण्डर के दाम 109 रूपये बढा दिये
जायेगें क्यूकिं सरकार को 9000 करोङ का घाटा हो रहा है,
इसका मतलब ये हुआ





