पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -7-(सन मीट्स मदर)


                     महल के मुख्य-द्वार के घोड़ागाड़ी आकर रुकी. उसमें से राजा क्रिस्टन व सेनापति नेफ्थन उतरे.

“कौन हैं तू?”-द्वारपाल ने बड़ी बदतमीजी से पूछा.

“किमियन को संदेशा भिजवा दो कि उनसे मिलने एस्कॉर्ट के राजा क्रिस्टन आये हैं”-नेफ्थन ने व्यवहारिक जवाब दिया.

“राजा कौन हैं तू या यह”-और जोर-जोर से हँसने लगा. नेफ्थन ने क्रिस्टन की तरफ इशारा किया.

“इसमें सन्देश भिजवाने की क्या जरूरत हैं खुद ही चलकर बोल दो की एस्कॉर्ट के राजा क्रिस्टन तुमसे मिलने आया हैं”-और दुबारा जोर-जोर से हंसने लगा.

                     महल के भीतर क्रिस्टन, नेफ्थन द्वारपाल के साथ पैदल गुजर रहे थे. हजारों एकड़ में फैले उसे महल के अंदर भी हजारों छोटे-बड़े महल बने थे. बहुत-से पिशाच भीड़ में इक्कट्ठे ठहाके लगाते जोर-जोर से हंस रहे थे. कोई शराब के नशे में डूबे थे. कोई ताश-जुए खेलने में व्यस्त थे. तो कोई खुल्लेआम सहवास कर रहे थे. क्रिस्टन व नेफ्थन ने शर्म के मारे अपनी नजरें झुका दी.

                      किमियन अपने कक्ष में बैठी क्रिस्टन के आने के इंतज़ार कर रही थी. उसके आस-पास 5-6 पिशाच और खड़े थे. क्रिस्टन व नेफ्थन का अच्छे से स्वागत किया गया. क्रिस्टन ने अपनी समस्या किमियन को सुनाई कि एस्कॉर्ट को डफलीन से खतरा हैं, इसलिए वो उससे मदद मांगने आया हैं. नेफ्थन गुस्से में दोनों की शक्लें देख रहा था, वो अच्छी तरह जानता था कि क्रिस्टन को अपने राज्य के बजाय खुद की ज़िन्दगी की चिंता ज्यादा सता रही थी क्यूंकि डायनों के निशाने पर एस्कॉर्ट नहीं क्रिस्टन था. किमियन ने क्रिस्टन की मदद करने के लिए एक शर्त रखी जिसे क्रिस्टन ने बेझिझक स्वीकार कर लिया. शर्त यह थी कि आज से एस्कॉर्ट वैम्पर के अधीन रहेगा. नेफ्थन मायूस हो गया, वो चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता था.

                      अगली सुबह सभी डायने आसीन के घर के बाहर खड़ी बतिया रही थी. इवान्स व आसीन घर से बाहर आये.


“यह मैं क्या सुन रही हूँ?”-एक डायन ने आसीन से कहा.

“जो सुना वो सच सुना, मैं अपने बेटे के साथ जा रही हूँ पिशाचों से लड़ने, मुझे पता हैं वक़्त काफी पीछे छुट गया हैं लेकिन मेरे अंदर आज भी थोडा बहुत जादू बचा हैं, जिसे मैं अपने बेटे के लिए काम में लेना चाहती हूँ”-इतना कहते ही वो दोनों वहां से चले गए.

                      इवान्स अपने सफ़ेद घोड़े पर सवार हो गया और आसीन उसी चार घोड़ो से जुडी खुबसूरत घोड़ागाड़ी में जो कुछ वक़्त पहले आलिना के पास था, बैठ गई. दोनों ने लगाम खिंची और चल पड़े वैम्पर की ओर. इवान्स, रोजलीन से मिलने की उत्सुकता में जितनी तेज रफ़्तार से घोडा भगा सकता था, भगा रहा था.           

                     शाम ढलने को थी. वैम्पर के विशालकाय महल से १०० कोस की दुरी पर दोनों रुक गए. दोनों उतरे और एक-दुसरे के पास आये.

“मेरे जादू में अब वो पहले जैसी ताकत नहीं हैं, इसलिए जो भी करना हैं वो जल्दी करना होंगा”-इतना कहते ही आसीन ने अपनी आँखें बंद की, फिर कुछ बडबडाने लगी और फिर अपने दोनों हाथ इवान्स की तरफ जोर-से झटके. इवान्स ने राजा क्रिस्टन का रूप धर लिया. फिर आसीन ने आस-पास नजर डाली तो गिलहरी दिखाई दी उसने उसे अपने जादू से बौने आदमी में तब्दील कर दिया. आखिर में खुद को रानी एंगेलिका के रूप में बदल दिया.

“चले”-आसीन ने इवान्स से कहा और इवान्स ने हाँ में सिर हिलाया. इवान्स अपने घोड़े पे सवार हुआ. आसीन गाडी में जाकर बैठी और उस बौने आदमी ने घोड़ागाड़ी की लगाम संभाली. कुछ पलों के बाद वे वैम्पर के मुख्य-द्वार के पास पहुँच चुके थे.

“पिछली बार आये थे तो अपना राज्य बेच दिया, इस बार क्या बेचने आये हो?”-द्वारपाल बोला.

“मेरी पत्नी, किमियन से मिलना चाहती हैं”-इवान्स सहजता से बोला.

“ओह्ह्ह, तो इस बार अपनी पत्नी को बेचने आये हो”-और जोर से हँसने लगा.

                      किमियन को खबर पहुँच चुकी थी. वो गहरी सोच में बैठी थी कि राजा क्रिस्टन दुबारा कैसे मिलने आये? आज भी उसी कक्ष में वो ही 5-6 पिशाच मौजूद थे. इवान्स-आलिना ने कक्ष राज-रानी के रूप में कक्ष में प्रवेश किया. किमियन ने बैठने को कहा.

“कहो, दुबारा कैसे आना हुआ?”

“मेरी पत्नी एंगेलिका आपसे मिलना चाहती थी, वो आपका शुक्रिया अदा करना चाहती हैं”-इवान्स बोला.

“कैसा शुक्रिया?....किस बात का?”

“आपने मेरे पति और एस्कॉर्ट राज्य की मदद करने का जो वादा किया उसके लिए”-आसीन ने मिलने की वजह बताई, आसीन जब बोल रही थी तब इवान्स चारो तरफ अपनी नजरें घुमा रहा था रोजलीन की तलाश में.

“इसकी कोई जरुरत नहीं एंगेलिका, जितना खतरा तुमको डायनों से हैं हैं उतना मुझे भी, जब तक वो लड़की मेरे कैद में हैं तब तक इवान्स और वो डायने कभी भी वैम्पर पर हमला कर सकते हैं”

“मेरे पास एक योजना हैं”-इवान्स ने किमियन की तरफ देख बोला.

“क्यूँ न हम उस लड़की को एस्कॉर्ट की जेल में रख ले?”-इवान्स ने योजना सुनाई.

“एस्कॉर्ट की जेल में”-किमियन गहरी सांस में बोली.

“हाँ, उनको पता हैं कि लड़की वैम्पर में हैं, वो सब यहाँ धावा बोलेंगे, लेकिन लड़की को न ढूंढ पायेंगे, फिर तुम उनका खात्मा कर देना”-इवान्स की शातिरता उसकी बातों में साफ़ झलक रही थी.

“योजना वाकई बेहतरीन हैं राजा क्रिस्टन”-किमियन योजना से संतुष्ट नजर आ रही थी. इवान्स व आसीन एक-दुसरे की तरफ देख मुस्कुराएँ.

“रात का दौर शुरू हो चूका हैं, हमें रात के अंधेरे में ही इस योजना को अंजाम देना होंगा”-इवान्स, रोजलीन को छुड़ा ले जाने में कतई देरी नही करना चाहता था और साथ ही उसे ध्यान में था कि जादू का असर कभी भी खत्म हो सकता था.

“चलो मेरे साथ”-किमियन, इवान्स व आसीन कक्ष से बाहर निकले. वे सीढियां चढ़ रहे थे. पहली मंजिल, दूसरी मंजिल....सांतवी मंजिल. चारो तरफ अँधेरा ही अँधेरा. किमियन ने अपने साथी पिशाच को रोशनी करने को कहा. उसने एक छोटा सा दीया जलाया और सांतवी मंजिल रोशनी से जगमगाने लगी. सामने सलाखों के पीछे रोजलीन थी. हाथ-पैर रस्सी से बंधे. आँखों पर काली पट्टी. इवान्स उसे इस हालत में देख गुस्से में लाल-पीला होने लगा. आसीन ने उसके कंधे पर हाथ रख उसे शांत रहने को कहा.

“उसकी आँखें पर पट्टी क्यूँ बाँध रखी हैं?”-आसिन ने पूछा.

“यह एक परी हैं एंगेलिका, आँखों से अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकती हैं”

“परी!”-आसीन ने चौंकते हुए इवान्स की तरफ देखा. इवान्स की बैचैन नजरें रोजलीन पर टिकी थी.

                     किमियन के इशारा करते ही पिशाचों ने सलाखों का दरवाजा खोला. रोजलीन को पकड़कर बाहर लायें. वो शांत थी, न ही जगमगा रही थी. काफी कमजोर हो चुकी थी. उसके पाँव लडखडा रहे थे. इवान्स खुद पर काबू करने की कोशिश कर रहा था. आसीन अपने खयालों में खोई हुईं थी.

                      वे सीढियां उतर नीचे आ चुके थे. मुख्यद्वार की तरफ बढ़ रहे थे. किमियन सबसे आगे, उसके पीछे 5-6 पिशाच रोजलीन को पकड़ें और आखिर में इवान्स-आसीन. दुसरे बहुत-से पिशाच उनको जाते हुए देख रहे थे और देखते ही देखते इवान्स पर से जादू का असर ख़त्म होने लगा, वो अपनी असली रूप में आ गया.

“यह तो क्रिस्टन नहीं हैं”-एक पिशाच चिल्लाया. किमियन व बाकी साथी रुक पीछे मुड़ देखा. रोजलीन के हाथ से पकड़ छुटी और वो जमीन पर गिर गई. इवान्स ने तलवार निकाली और एक ही वार में 6 पिशाचों के सिर धड से अलग कर दिए. आसीन ने हवा में उड़ते हुए किमियन पे प्रहार किया और वे दोनों एक तरफ दीवार से जा टकराये. इवान्स ने जल्दी से रोजलीन के बंधे हाथ-पैर रिहा किये और उसकी आँखों पर से पट्टी हटाई. उसकी आँखों की इस चमक को देखने के लिए न जाने कब से इवान्स तरस रहा था. दोनों एक-दुसरे की आँखों में आँख़ें डाले प्यार से देख रहे थे. रोजलीन की साँसे तेज चलने लगी. दोनों एक-दुसरे से लिपट गए. जिन 6 पिशाचों के सिर उनके धड से अलग हुए, वो दुबारा जुड़ गए, क्यूंकि इवान्स की तलवार लोहे की बनी थी. वो जिंदा हो गए. वहां मौजूद सभी पिशाच उन पर हमला करने के लिए आ रहे थे, तभी काफी शोर-शराबा सुनाई देने लगा. डफलीन की सभी डायने हवा में उड़ते हुए वहां पहुँच चुकी थी.

“इवान्स, तुम लड़की को लेकर भागो, इनसे हम निबटते हैं”-एक डायन इवान्स की तरफ देख चिल्लाई.

                      इवान्स व रोजलीन का हाथ थामे मुख्य द्वार की तरफ भागने लगे. डायनों व पिशाच एक-दुसरे से लड़ रहे थे. कुछ डायने पिशाच पर भारी पड रहे थे तो कुछ पिशाच डायनों पर. इनके आपस में प्रहार इतने शक्तिशाली थे को जो भी दीवार, खम्भों से टकराता वो उन्हें ध्वस्त कर देता. आसीन व किमियन एक-दुसरे पर हवा में प्रहार कर चित करने की कोशिश में थे. बहुत से पिशाच इवान्स का रास्ता रोकने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें इवान्स अपनी तलवार से रास्ते से हटा रहा था.

                        इवान्स-रोजलीन मुख्य-द्वार से बाहर निकले में कामयाब हो गए. बाहर खड़ी एक डायन ने उनके बाहर निकलने के बाद वैम्पर राज्य पर जादू कर दिया. उसको चांदी के तार से घेराबंदी कर दी. सभी डायने राज्य से बाहर निकलने में कामयाब हो रही थी, लेकिन पिशाच उस तरंग को पार करने की कोशिश करते तो जलकर भस्म हो जाता.

“कोई भी डायनों का पीछा नहीं करेंगा, चांदी हमें नष्ट कर देंगी”-किमियन ने सभी पिशाचों को चेताया और सब अपनी जगह रुक गए. सारी डायने सही सलामत वहां से भागने में कामयाब हो गई.

                        इवान्स का घोडा दुगनी-चौगुनी रफ़्तार से चाँदनी रात में भाग रहा था और उसका चाँद उसके सीने को कसकर पकड उसके कंधे पर सिर रख सो रही थी. सारी डायने उसके पीछे हवा में उड़ रही थी. आसीन अभी एंगेलिका के रूप में थी लेकिन परेशान दिख रही थी.

                        सभी डफलीन पहुँच चुके थे. इवान्स ने मुख्य दरवाजे के वहां घोडा रोका. वो उतरा, फिर उसने रोजलीन को उतारा. दोनों ने एक-दुसरे को कसकर गले लगाया. फिर हाथ थामकर अंदर की ओर चले दिए. सभी डायने खुश थी. जोर-जोर से तालियां बजा इवान्स-रोजलीन का स्वागत कर रही थी. आसीन पर जादू का असर अभी भी था. उससे कुछ दुरी पर इवान्स ने रोजलीन का हाथ छोड़ा. रोजलीन वहीँ रुक गई. इवान्स अपनी माँ की ओर बढ़ा.

                        उसने अपनी माँ को पहली बार दिल से गले लगाया और दोनों की आँखों से आंसू छलक पड़े. दोनों एक-दुसरे से गले मिले थे और आसीन अपने असली रूप में आ गई. रोजलीन की आँखें फटी रह गई.

“इवान्स, हम कहाँ पर हैं अभी?”-रोजलीन चिल्लाई. माँ-बेटे अलग हुए.

“डायनों के राज्य डफलीन में”-एक डायन बोली.

“यह औरत क्या लगती हैं तुम्हारी”-रोजलीन ने आसीन की तरफ उंगुली इंगित करके बोली.

“यह मेरी माँ हैं”-इवान्स ख़ुशी से बोला.
“यह तुम्हारी माँ हैं और मेरे माता-पिता की हत्यारी”-रोजलीन गुस्से में चिल्लाई. इवान्स निस्तब्ध हो गया. सब डायने रोजलीन का मुंह ताकने लगी.
कहानी अभी बाकी हैं....

अगली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -9- (दी रिवेंजेबल बैटल बिगिन्स)

For more updates about upcoming parts of THE ESCORT HEART.... Like Facebook Page.... Lines From Heart