पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -10- (ट्रुथ ऑफ़ इवान्स) 

डफलीन की हजारों डायने आसीन के नेतृत्व में निकल पड़ी थी एस्कॉर्ट की ओर. आसमान में परिंदों से भी चौगुनी रफ़्तार से आगे बढ़ रही थी. उनको पिशाचों के एस्कॉर्ट पहुँचने से पहले एस्कॉर्ट पर कब्ज़ा करना था.
दूसरी तरफ पर-परियां भी रवाना हो गई थी डफलीन की ओर. रोजलीन उस फ़ौज की सेनापति थी. उन्हें नहीं पता था कि डायने डफलीन में नहीं हैं, वो एस्कॉर्ट के लिए निकल गई हैं.
आसीन का उल्लू उड़ता हुआ उसके सामने आया. दोनों ने एक-दुसरे की आँखों में देख. वो यह सन्देश लेकर आया था कि “परियां योजना के मुताबिक़ डफलीन की ओर निकली हैं, इवान्स शायद अभी भी उसी जंगल में हैं, पर जंगल के बाहर बहुत-से भूत पहरा दे रहे हैं इसलिए मैं अंदर नहीं घुस पाया”.
“कब निकलने का सोचा हैं हमनें?, डायने डफलीन से निकल चुकी हैं और परियां परीलोक से”- एक पिशाच ने किमियन से कहा.

“मैं थोड़ी देर खेल देखना चाहती हूँ, उन डायनों को एस्कॉर्ट पर कब्ज़ा करने दो, ताकि राजा मारा जाए, तब तक वो परियां भी पहुँच जायेंगी, कुछ डायनों का काम वो तमाम कर देंगी और फिर आखिर में वैम्पर अपनी असली ताकत दिखा के सबको चारो खाने चित करेंगे और एस्कॉर्ट अपनी सल्तनत में होंगा”-किमियन ख़ुशी के मारे हँसने लगी.

“लेकिन परियां तो डफलीन की ओर जा रही हैं”-एक पिशाच ने कक्ष में प्रवेश करते हुए किमियन को सूचना दी.
“क्या?”-किमियन चौंकी.
“अरे कोई उन बेवकुफो तक खबर पहुँचाओ कि डफलीन नहीं, एस्कॉर्ट की तरफ जाए, हमारी योजना नहीं बिगडनी चाहिए”-किमियन ने एक पिशाच को आदेश दिया.
“और इवान्स की कोई खबर मिली”-वो चिल्लाई.
                      किमियन के भेजे गए 6 पिशाच जंगल की शुरूआती छोर पर खड़े थे. उसी जंगल के भीतर इवान्स था, जेसपन के भूत के साथ. पिशाच जंगल में प्रवेश करने ही वाले थे कि 10-12 भूतों ने उनका रास्ता रोका. वे आपस में लड़ने को आबरू थे. पिशाच उन भूतों पर हमला करते उनसे पहले उन भूतों ने उनके जेहन में प्रवेश कर दिया. भूतों के अंदर मौजूद होने की वजह से वे पिशाच अब एक-दुसरे की जान के दुश्मन बन चुके थे. वे सब एक-दुसरे को आपस में घुर रहे थे. उन पर खून सवार हो रहा था. सब आपस में ही लड़ने लगे. एक दुसरे को काटने लगे. बाकी बचे भूतो ने भी उन पर हमला कर दिया, लेकिन उन्होंने जवाबी हमला नहीं किया, क्यूंकि वे स्वयं भूतो के नियंत्रण में थे. उन्होंने आपस में ही एक-दुसरों को काट खाया. कुछ ही पलों बाद सारे पिशाच मरे तो नहीं, लेकिन बुरी तरह घायल हो गए. उनमें उठने का सामर्थ्य भी नहीं बचा था. भूतो ने उनका शरीर छोड़ दिया और वहां से गायब हो गए.
             दूसरी तरफ परियां डफलीन पहुँचते ही निराश हो गई. वहां उन्हें आधे से ज्यादा राज्य खाली मिला. कुछ गर्भवती डायने और कुछ बच्चियाँ ही मौजूद थी. फिर उन्हें एक पिशाच ने आकर खबर दी कि एस्कॉर्ट चले जाओ तुम्हारा दुश्मन वहां हैं और वहां से भाग गया क्यूंकि परियां उसे भी जिंदा नहीं छोडती. परियां एस्कॉर्ट की तरफ निकल पड़ी.
                      इवान्स अपने घुटनों के बल बैठा था. जेसपन का भूत उसके सामने हवा में तैर रहा था.
“मैं उन सब का मुकाबला कैसे करूँगा?”-इवान्स खड़ा हुआ.
“तुम्हे एक और राज की बात बतानी हैं”-भूत बोला. इवान्स फिर से चौंका.
“अब और कितने राज बाकी हैं?”-इवान्स उत्सुकता से बोला.
“अपनी तलवार को अपने दिल में घुसाओ”-भूत बोला.
“तुम पागल हो गए हो, दिल पे वार करते ही मैं मर नहीं जाऊँगा और मैं मर गया तो रोजलीन भी मर जायेंगी”
“मैं जैसा कहता हूँ वैसा कर, यह मत भूलों की तुम्हारे सीने में एक परी का दिल हैं”
“लेकिन उससे क्या होंगा?”
“तुम्हे याद हैं, जिस दिन तुम पहली बार रोजलीन से मिलने गए उस दिन जंगल में तुम्हे किसी ने तीर मारा था”
“हाँ, किसने मारा था?”-इवान्स भूत की हर बात पे चौंक रहा था कि उसे सब पता हैं.
“ईश्वर ने, ताकि वो परी अपना दिल तुम्हारे सीने में डाल दे, सबकुछ पहले से तय था”
“ऐसी क्या ख़ास बात हैं इस दिल में?”
“वो एक एस्कॉर्ट हार्ट हैं, रक्षा करने वाला दिल, पिशाच चांदी के अलावा किसी भी चीज़ से नहीं मरेंगे और डायने उनके जादुई बालों को काटने से, इसलिए हमें एक जादुई चांदी की तलवार की जरुरत हैं”-भूत के बात खत्म करते ही इवान्स ने तलवार निकाली. उसने सीने में तलवार घुसाई, जैसे ही तलवार के नुकीले हिस्से ने दिल को छुआ, तलवार में बिजली की तरंगे दौड़ने लगी. तलवार पर चांदी की परते चढ़ने लगी. इवान्स ने सीने से तलवार निकाली. तलवार तरंगो में लिपटी थी. एक जादुई चांदी की तलवार. चारो तरफ रोशनी फैली थी.
“अब यह मामूली तलवार नहीं रही”-भूत मुस्कुराया.        
“क्या अब मैं अपने एस्कॉर्ट की रक्षा सकता हूँ?”-इवान्स गर्व से बोला.
“हाँ, पर कोई और भी हैं जो इस लड़ाई में तुम्हारी मदद करना चाहते हैं”
“कौन?”-भूत ने चुटकी बजाई और देखते ही देखते ही वहां पर 50-60 भूत हवा में तैरते हुए आ पहुंचे. सब पारदर्शी आकृति थे. इवान्स चकित-सा सबको घूरने लगा.
“यह कौन हैं सब?”-इवान्स ने जेसपन के भूत से पूछा.
“यह सब वो ही हैं जो तुम हो, बस फर्क इतना हैं कि तुम जिंदा हो और यह सब भूत”-भूत ने फिर से एक पहेली कही.
“मैं समझा नहीं”-इवान्स दुबारा पहेली नहीं समझ पाया.
“यह सब तुम्हारी तरह डफलीन की डायनों के बेटे हैं जिनके पैदा होते ही जंगल में जानवरों के हवाले कर दिया गया, जानवरों द्वारा मारे जाने का बाद ये भूत बन गए, यह सब आपनी माँओं से बदला लेना चाहते हैं, मैंने उनको कब से रोक रखा था, मुझे पता था एक दिन तुम्हे सेना की जरुरत पड़ेंगी और तैयार हैं इवांस के नेतृत्व में भूतो की सेना....”-भूत ने घोषणा की. इतना कहते ही इवान्स का सफ़ेद घोडा वहां दौड़ता हुआ आ पहुंचा. सब भुत भी घोड़े पे सवार हो गए, वो भी उनकी तरह पारदर्शी के आकृति थे.
“आज पहली बार एक इंसान दो रूहों के साथ लडेंगा”-भूत ने थोडा पीछे की तरफ तैरते हटते हुए कहा. इवान्स को इस बार भी भूत की पहेली जैसी बात समझ में नहीं आई. भूत रफ़्तार के साथ इवान्स की तरफ गया और उसके जेहन में उतर गया. तेज हवाए चलनी लगी. टहनियां हवा के झोंको से लड़ने लगी. इवान्स के शरीर पे कवच बनने लगे जो राजा जेसपन की युद्ध की पोशाक थी. पोशाक पूरी बनते ही इवान्स ने आसमान की तरफ देखा. उसके चेहरे पर तीव्र तेज था और अपनी तरंगो में लिपटी तलवार को आसमान की तरफ इंगित कर गुर्राया. तलवार से बिजली निकली जो आसमान से जा टकराई. सब भूत जोर-जोर से चिल्लाने लगे. उनकी गूंज पैगाम था एस्कॉर्ट की प्रजा के नाम....”रिटर्न ऑफ़ द किंग”....

कहानी अभी बाकी हैं....


अगली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -12- (एंड ऑफ़ रिवेंज)


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