पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -9- (दी रिवेंजेबल बैटल बिगिन्स)

“कैसे हो मेरे दोस्त?”-भूत ने सलाम करते हुए अभिवादन किया.
“जैसा तुम छोड़कर गए थे वैसा ही”-इवान्स ने ताना मारा और एक पेड़ के सिरहाने बैठ गया. वो  गुस्से में था.
“ओह्ह्ह्ह, तो मतलब कुछ भी नहीं बदला”
“नहीं बदला, इतना सब कुछ तो बदल चूका हैं, अब और क्या बाकी रह गया?”
“तुम तो वो ही इवान्स हो फिर कहाँ कुछ बदला?”-भूत सबकुछ जानते हुए भी उसे छेड़ रहा था. उसके चेहरे पे मुस्कराहट थी जिसे वो छुपाने की कोशिश कर रहा था, कहीं इवान्स उस पर भड़क ना जाए.
“हाँ, इवान्स तो वो ही हैं बस हालातों के साथ उसके अपने बदलते गए और आज वक़्त ऐसा आ गया कि....और मेरे अपनों के बनाए हालातों की सजा मैं भुगत रहा हूँ....”-इवान्स बोलते-बोलते रुक गया. वो वापस खड़ा हुआ.
“....सबसे पहले मुझे जंगल में छोड़ दिया जंगली जानवारों के भोजन के लिए, फिर पिता ने अपने ही बेटें को गोद लिया, जब असली माँ का पता चला तो पिता ने मुझे बेटा मानने से इनकार कर दिया, फिर माँ की ममता ने मुझे अपने प्यार से मिलवाया, तब सोचा शायद अब सबकुछ ठीक हो जायेंगा, एक नयी ज़िन्दगी की शुरुआत होंगी, पर कहाँ शुरुआत?, ज़िन्दगी तो एक जंगल से शुरू होकर दुसरे जंगल में आ थमी हैं....”-इवान्स रुंधे गले से बोला रहा था.
“इस तरह हताश मत हो मेरे दोस्त बदलाव का नाम ही जिंदगी है”-भूत ने दिलासा दी. इवान्स ने दूसरी तरफ मुंह फेर दिया.
“तो क्या फैसला किया, तुम किसकी तरफ हो?”-भूत का सवाल लड़ाई से जुडा था.
“किसकी तरफ मतलब?”-इवान्स ने भूत की तरफ देख, उसे कुछ भी ज्ञात नहीं था.
“वैम्पर, डफलीन, परीलोक व एस्कॉर्ट में लड़ाई होने वाली हैं”
“बहूत खूब”-इवान्स ने ख़ुशी जाहिर की.
“तो तुम किसका साथ देना चाहोंगे?”-भूत ने पिछला वाला सवाल दुबारा किया.
“साथ अपनों का दिया जाता हैं मेरे दोस्त और मेरा कोई अपना रहा ही नहीं तो मुझे क्या मतलब इस लड़ाई से”-इवान्स ने कटाक्ष किया. भूत कुछ पल खामोश हो गया.
“वैसे मेरे भूत दोस्त तुझे तो सब पता रहता हैं, तो यह भी पता होंगा कि लड़ाई कौन जीतने वाला हैं?”-न जाने क्यूँ इवान्स के चेहरे से उदासी-हताशा के भाव गायब हो गए थे.
“राजकुमार इवान्स”-भूत ने कड़क आवाज में कहा. इतना कहते ही इवान्स जोर-जोर से हँसने लगा. भूत शांत था. इवान्स काफी देर हँसता रहा.
“राजा जेसपन”-भूत दुबारा कड़क आवाज में बोला. इवान्स एकदम खामोश हो गया.
“राजा जेसपन, यह कौन हैं?”-इवान्स ने यह नाम पहली बार सुना था.
“एस्कॉर्ट का राजा”
“एस्कॉर्ट का राजा, वो तो क्रिस्टन हैं”-इवान्स को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि भूत क्या कहना चाहता हैं.
“एक ऐसा राजा जिसकी बहादुरी की पूरी दुनिया कायल थी, एक ऐसा राजा जिसका शौर्य से दुश्मन थर-थर कांपते थे, किसी सदी में ऐसा राजा न हुआ जो जेसपन जितना अपनी प्रजा से प्रेम कर सके, किसी सदी में ऐसा राजा न हुआ जिसकी प्रजा ने उसे जेसपन जितना प्रेम-सम्मान दिया हो....”-भूत दुगने जोश में बोल रहा था. इवान्स चुप था. वो भूत की आँखें को घुर रहा था.
“कहाँ हैं राजा जेसपन?”-इवान्स धीमे स्वर में बोला.
“इस वक़्त मेरे सामने खड़ा हैं”-इवान्स हाव-भाव जैसे थे वहीँ थम गए. जंगल के पेड़ो की टहनियां-पत्ते हवा में लहराते हुए थम गए. इवान्स बस भूत की आँखें में देखे जा रहा था और भूत उसकी आँखों में.
“मैं?”-इवान्स बड़ी मुश्किल से लफ्ज निकाल पाया.
“हाँ तुम, सरफिरा घुम्मकड जाति के किस्स्से तो तुमने सुने ही होंगे, उनका सरदार था ‘उर्वियश’, जिसने राजा जेसपन के नेकदिल के साथ विश्वासघात कर उन्हें एक रात मौत की नींद सुला दिया और खुद को एस्कॉर्ट का राजा घोषित कर दिया, अगली सुबह पूरा एस्कॉर्ट इतना रोया कि एस्कॉर्ट के बाहर जो नदी बहती हैं वो एस्कॉर्ट की प्रजा के आंसुओ की हैं, क्रिस्टन उसी गद्दार उर्वियश का बेटा हैं, यही वजह हैं कि एस्कॉर्ट की प्रजा ने जेसपन के बाद किसी को भी अपना राजा नहीं माना, उन्होंने एस्कॉर्ट के देवता से प्रार्थना की कि उन्हें उनका राजा दुबारा लौटा दो और फिर तुम्हे भेजा....”
“काफी अच्छी कहानी बनाई हैं तुमने मुझे लड़ाई में भेजने के लिए”-इवान्स को भूत की बात पर विश्वास नहीं हो रहा था.
“यह सच हैं”
“मैं कैसे यकीन कर लूँ”
                 भूत कुछ देर खामोश रहा. इवान्स उसके जवाब का इंतज़ार कर रहा था. पलक झपकने से भी कम वक़्त में भूत ने इवान्स के शरीर में प्रवेश कर लिया. टूटते सितारों के बीच इवान्स गायब हो गया. वो अतीत में पहुँच गया, वो उस जगह मौजूद था, जहाँ उर्वियश पहली बार कास्टरिका में राजा जेसपन में मिला, फिर उसे सेनापति नियुक्त कर दिया, एक रात उसने राजा जेसपन को मार डाला, प्रजा का रोना, उनका ईश्वर से गुहार करना कि उनका राजा लौटा दिया जाए, ईश्वर द्वारा प्रजा की गुहार स्वीकार करना कि एक दिन तुम्हारे राज्य के  उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति में राजा जंगल से एक बच्चा लेकर आयेंगा, वो ही बच्चा राजा जेसपन का पुनर्जन्म होंगा.
                 इवान्स दुबारा जंगल लौट आया. भूत उसके शरीर से बाहर निकल गया. इवान्स को उसका सच पता चल गया था. इवान्स कुछ नहीं बोला. वो भूत को भावहीन देख रहा था.   
“और अब वक़्त आ गया हैं कि तुम एस्कॉर्ट की रक्षा करो, उनकी प्रजा को उनका राजा वापस लौटा दो, क्रिस्टन के अविवेक की वजह से एस्कॉर्ट पिशाचों, डायनों व परियों की दुश्मनी के बीच बर्बादी के आखिरी छोर पर खड़ा हैं”-भूत ने इवान्स का असली मकसद बताया.
“तुम्हे कैसे पता यह सब?”-इवान्स ने भूत की तरफ देखा. इवान्स का चेहरा अभी भी भूत की बातों का समर्थन नहीं कर रहा था.
“तुम्हारा सवाल ही गलत हैं मेरे दोस्त, तुम्हारा सवाल यह होना चाहिए कि मैं सिर्फ तुम्हे ही क्यूँ दिखता हूँ?”
“कौन हो तुम?”
“तू मैं हैं और मैं तू हैं”-भूत मुस्कुराया.
“क्या?”-इवान्स को पहेली समझ में ना आयी.
“एस्कॉर्ट का भूत....राजा जेसपन का भूत....मैं ही हूँ वो राजा जेसपन....जिसकी हत्या कर दी गई थी....मुझे मेरी प्रजा से अलग कर दिया गया”-भूत भावुक हो गया. ईवांस चौंकते हुए दो कदम पीछे बढ़ा.
“मतलब मैं तुम्हारा पुनर्जन्म हूँ”
“हाँ और अब तुम्हारा एक ही मकसद हैं एस्कॉर्ट की रक्षा....”-इवान्स पेड़ के सिरहाने बैठ गया.
“मैं यह नहीं कर सकता”
“तुम क्यूँ नहीं कर सकते?”
“एक तरफ मेरे पिता हैं, दूसरी तरफ माँ, तो तीसरी तरफ रोजलीन....किसके साथ खड़ा रहूँ और किसके खिलाफ....?”-वो असमंजस में था.
“सबकी तरफ तो तुमने देख लिया, लेकिन चौथी तरफ तुझे वो लोग नहीं दिखे जो बरसों से अपने राजा के लौटकर आने का इंतज़ार कर रहे हैं....”
               सैनिकों की चहल-पहल बढ़ गई थी. क्रिस्टन ने एस्कॉर्ट के चारों तरफ पहाड़ियों पर बनी चौकियों पर सैनिकों की संख्या बढ़ा दी. हर चौकी पर एक-दो पिशाच भी मौजूद थे. एस्कॉर्ट के बाहर भी सैनिक तैयार थे जंग के लिए. तीर-कमान, भाले, तलवारों से लैस, घोड़े पे सवार. सभी लोगों को सुरक्षित रखने हेतु बने एस्कॉर्ट के महल में खुफिया सुरंग में ले जाया जा रहा था. सेनापति नेफ्थन असंतुष्ट था इस काम को करने में, उसे पता था कि कोई भी जिंदा भी नहीं बच पायेंगा. बच्चे रों रहे थे, तो कुछ बड़े-बुड्ढो की आँखें भी भीग चुकी थी. उन्हें रह-रहकर जेसपन याद आ रहा था कि काश हमारा बहादुर राजा जिंदा होता तो हमें यह दिन देखने को नहीं मिलता. कुछ लोग सिपाहियों से घिरे सुरंग की ओर जाते राजा क्रिस्टन को गालियाँ भी दे रहे थे. कुछ लोग ईश्वर पर अपनी भडास निकाल रहे थे कि उसकी भविष्यवाणी झूठी हुईं. कुछ लोगो को अफ़सोस हो रहा था कि उन्होंने इवान्स को गलती से अपना राजा समझ लिया वो तो एक लड़की के प्यार में गिरफ्त परवाना था, तो कुछ का मानना था कि जेसपन इवान्स के रूप में लौटा हैं और वो जरुर 
एस्कॉर्ट को बचाने आयेंगा.

कहानी अभी बाकी हैं....

अगली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -11- (रिटर्न ऑफ़ दी किंग)

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