पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -4- (डेथ एंड अलाइव)
इवान्स, रोजलीन की याद में काफी अकेला महसूस कर रहा था. उसने शिकार पर  जाना भी छोड़ दिया था. बस पुरे दिन उदास रोजलीन की याद में कमरे में अपने आप को बंद रखने लगा. साथ ही उसे एक बात यह भी परेशान कर रही थी की वो वापस जिंदा कैसे हो गया?.
        एक महिना बीत गया, रोजलीन की यादें धुंधली पड़ने लगी थी. एक दिन इवान्स को आलिना का ख्याल आया की वो जिंदा हैं या मर गयी. कहीं उसने तो उसे जिंदा नहीं किया वापस, क्यूंकि वो जादूगरनी थी. इवान्स निकल पड़ा जंगल में आलिना के घर की तरफ. घोड़े की रफ़्तार जितनी तेज़ हो सकती थी उतनी तेज़ रफ़्तार से. एकाएक उसने लगाम खिंच घोड़े को रोका. नदी किनारे एक लड़की बैठी थी, ठीक उसी जगह जहाँ उसने पहली बार रोजलीन को देखा था. घोड़े से उतरा. अनायास ही उसके होंठो से लफ्ज़ निकले....’रोजलीन”.
        लड़की ने पलट कर देखा वो रोजलीन ही थी. रोजलीन इवान्स को देखते ही उसकी तरफ भागी, लेकिन आज वो रोशनी से जगमगा न रही थी. इवान्स ख़ुशी-ख़ुशी रोजलीन की तरफ भागा. दोनों एक दुसरे से लिपट गये मानो बरसो बाद मिले हो.

मुझे पक्का यकीन था कि तुम जिंदा हो-रोजलीन हर्षित मन से बोली.
तुमने किया क्या मुझे जिंदा?

नहीं, आलिना ने
आलिना?
हाँ, उसने तुम्हारी रूह को एक पुतले में कैद करके रखा था, तुम मरे नहीं थे, बस धडकने रुक गई थी, क्यूंकि तुम्हारी रूह कैद थी तो वो तुम्हारे जेहन से बाहर निकल ही न पायी, उसने खुद को और पुतले को आग लगा दी और रूह तुम्हारे शरीर में फिर से आजाद दौड़ने लगी और तुम दुबारा जिंदा हो गए.-दोनों एक-दुसरे से लिपटे हुए थे. कुछ देर बाद लगा हुए.
लेकिन तुम भी जिंदा कैसे हो?, तुमने तो कहा थी कि पिशाचो ने तुम्हारा खून पीया तो तुम फिजाओ में छूमंतर हो जाओंगी और आज तो तुम परियों की तरह रोशनी में जगमगा भी नहीं रही हो
परी नहीं इवान्स, मैं अब एक पिशाच हूँ-रोजलीन ने धीरे से कहा.
पिशाच?
मैंने सोचा था की पिशाच जब मेरा खून पियेंगे तो में फिजाओं में समा जाउंगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, वो तो दुनिया से मुक्त हो गये लेकिन मुझे बंधन में बाँध गये-रोजलीन की आवाज धीमे होने लगी. रोजलीन पलट कर नदी किनारे की तरफ बढ़ने लगी. इवान्स भी उसकी तरफ बढ़ने लगा. किनारे के करीब जाकर रुकी. इवान्स ने उसके पीछे जाकर उसका हाथ थामा.
क्या फर्क पड़ता हैं तुम परी हो या पिशाच, मुझे सिर्फ तुमसे प्यार हैं तुम्हारे वजूद से नहीं, मेरे सीने में आज भी तुम्हारा ही दिल धड़क रहा हैं और धड़कता रहेंगा-इवान्स निडर आवाज में बोला.
इतना सुनते ही रोजलीन, इवान्स से लिपट गयी.
“चलो मेरे साथ”-इवान्स, रोजलीन एक-दुसरे से अलग हुए, लेकिन एक-दुसरे का हाथ थामे रखा.
“कहाँ?”-रोजलीन ने गंभीरतापूर्वक प्रश्न किया.
“एक नई ज़िन्दगी की शरुआत करने, मैं तुम्हे एस्कॉर्ट की राजकुमारी बनाना चाहता हूँ”-इवान्स रोजलीन के हाथ थामे घुटनों पर बैठ उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा.
                    शादी का प्रस्ताव सुन रोजलीन का चेहरा ख़ुशी में लाल होने लगा था, वो और ज्यादा खुबसूरत लगने लगी थी. इवान्स उसकी आँखों में प्यार भरी निगाहों से देख रहा था. रोजलीन के इवान्स के थामे हाथों को हलके से अपनी तरफ खींच इवान्स को उठने का आग्रह किया. इवान्स-रोजलीन एक-दुसरे के काफी करीब आ चुके थे. दोनों के होंठ के एक-दुसरे के आगोश में सिमट गये.
                     कुछ देर बाद रोजलीन, इवान्स से अलग हुई. उसका चेहरा मुरझाया हुआ था.
“क्या हुआ?”-इवान्स ने रोजलीन की परेशानी भांपने में कतई देर नहीं की.
“क्या तुम्हारे पिता इस रिश्ते से राजी होंगे”
“तुम उनकी चिंता मत करो, हम उन्हें कभी नहीं बताएँगे कि तुम एक पिशाच हो”-इवान्स ने उसके दोनों कंधो को अपने हाथों में गिरफ्त कर उसे आश्वासन दिया.
“लेकिन कभी न कभी तो पता चल ही जायेंगा ना”
“जिस दिन पता चलेंगा उस दिन देखा जायेंगा”
                      इवान्स, रोजलीन का हाथ थाम घोड़े की तरफ बढ़ा. इवान्स निडर दिख रहा था, लेकिन रोजलीन अपना हाथ थामे आगे बढ़ रहे इवान्स के चेहरे को देख रही थी. दोनों घोड़े पर सवार हुए. इवान्स ने तेजी से लगाम खिंची और घोड़े ने रफ़्तार पकड़ी. रोजलीन ने इवान्स के सीने को कसकर पकड़ उसके कंधे पर अपना सीर रख आँखें बंद कर दी. घोडा बिजली की रफ़्तार से एस्कॉर्ट की तरफ दौड़ने लगा.
                      राज्य के मुख्य दरवाजे के करीब पहुँचते ही द्वारपालों ने दरवाजा खोला और राजकुमार के सम्मान में सीर झुका दिए. घोड़े ने राज्य में प्रवेश किया. लोगो ने राजकुमार के सीने से लिपटी खुबसूरत लड़की को देख हक्के-बक्के फुसफुसाने लगे. लोगो की चहल-पहल से रोजलीन की आँख खुली, उसने कंधे पर सीर हटाया, लेकिन इवान्स का सीना अभी भी उसने कसकर पकड रखा था. घोडा दुगनी रफ़्तार से महल की तरफ बढ़ रहा था.
                      बात आग की तरह फैलते-फैलते महल तक पहुँच गई कि राजकुमार किसी अनजान लड़की को अपने साथ लाया हैं. राजा-रानी यह खबर सुनते ही हैरानी से अपनी जगह से उठ बालकनी में पहुंचे. नीचे महल की तरफ आने वाले रास्ते पर नजर डाली तो राजकुमार के सीने से लिपटी लड़की देख हैरानी में उनकी दोनों आँखें बड़ी हो गई.
                       राजा क्रिस्टन व रानी एंगेलिका राजकक्ष में बैठे अपने बेटे इवान्स के आने का इंतज़ार कर रहे थे. उनके दिलोदिमाग में कई सवाल घूम रहे थे की यह लड़की कौन हैं? कहीं पडौसी राजा की बेटी तो नहीं? कहीं इवान्स पडौसी राजा से दुश्मनी मोल ले उसे भगाकर तो लेके नहीं आया? इवान्स-रोजलीन के कक्ष में पहुँचते ही दोनों अपने सवालों से बाहर आये. राजा-रानी की नजर उनपर पड़ते ही दोनों ने अपन हाथ एक-दुसरे से रिहा किए.
“यह रोजलीन हैं....”-अपने पिता के कुछ पूछने से पहले ही इवान्स ने परिचय दे दिया.
“....हम दोनों एक-दुसरे से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं”-इवान्स के आवाज में अपने पिता के प्रति सम्मान साफ़ झलक रहा था.
“कहाँ की हैं यह?”-क्रिस्टन ने सवाल किया.
“दूर किसी राज्य की रहने वाली हैं, कुछ महीनों पहले हमारी इनसे मुलाक़ात जंगल में हुई थी, कुछ बदमाश इनके पीछे पड़े थे, हमने इनकी मदद की और हमारी मित्रता हुई, फिर मुलाकाते बढ़ी, जो धीरे-धीरे प्यार में तब्दील हो गई”
“आप कुछ कहना चाहेंगी”-राजा ने रोजलीन की तरफ देखा.
“बस यही की मैं इवान्स से बहुत प्यार करती हूँ और शादी करना चाहती हूँ, मुझे उम्मीद हैं कि  आपको इस रिश्ते से कोई ऐतराज नहीं होंगा”
“आपके माता-पिता क्या करते हैं”
“उन्हें मेरे राज्य के राजा ने मार डाला क्योंकि वो मुझसे शादी करना चाहता था और माता-पिता उसकी राह में रोड़ा बने हुए थे, उनकी हत्या के बाद मैंने जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर वहां से भाग गई, लेकिन उसके बदमाश लोगो ने मेरा पीछा नहीं छोड़ा और आखिरकार राजकुमार इवान्स हमें एक नई ज़िन्दगी दी”
“आपको कुछ कहना हैं?”-क्रिस्टन ने एंगेलिका से उसकी राय जाने के लिए पूछा.
“मुझे लड़की पसंद हैं, आगे आपका फैसला”
                      क्रिस्टन एकटक इवान्स-रोजलीन की तरफ देख रहा था. वे दोनों एक हामी के इंतज़ार मैं क्रिस्टन की तरफ देख रहे थे.
“अगर मैं यह रिश्ता नामंजूर कर दूँ तो”
“आप मेरे पिता हैं, आपका हर निर्णय मुझे मंजूर हैं, अगर आप यह रिश्ता नामंजूर करते हो तो मैं आपसे एक दरख्वास्त करूँगा कि एस्कॉर्ट राज्य में रोजलीन के रहने का प्रबंध करे”
                        इवान्स के बात खत्म करते ही राजा क्रिस्टन अपनी जगह से उठे. इवान्स के करीब जाकर उसके कंधे पे अपने दोनों हाथ रख के बोले “रोजलीन ही एस्कॉर्ट की राजकुमारी बनेंगी” और इवान्स को गले लगा दिया. पूरा कक्ष हर्षमय माहौल में तब्दील हो चूका था. रानी एंगेलिका ने रोजलीन का माथा चूम उसे बधाई दी.
“राज्य में एलान कर दिया जाए कि दो दिन बाद इतवार को राजकुमार इवान्स व रोजलीन की सगाई व शादी की रस्म अदा की जायेंगी....”-राजा क्रिस्टन ने आदेश दिया.
“....साथ ही शादी की तैयारियां शुरू कर दी जाए....महल व पुरे राज्य को दुल्हन की तरह सजाया जाए”
                        महल के पिछले हिस्से में बने गार्डन में फव्वारे के पास इवान्स रोजलीन की गोद में सिर रखे लेटा था. उसकी आँखें बंद थी. रोजलीन के चेहरे पे एक कातिलाना मुस्कराहट थी. रोजलीन उसके बालों को सहला रही थी. सूरज मोहब्बत के सागर में डूबने वाला था.
“मैंने कहा था ना कि सबकुछ ठीक ही होंगा”-इवान्स की आवाज उसके बालों में फिरती रोजलीन की कोमल उंगुलियों की तरह कोमल थी.
रोजलीन ने मुस्कुराने के सिवाय कोई जवाब नहीं दिया. उसके हाथ की उंगुलियां इवान्स के बालों से उसकी गर्दन को सहलाते हुए सीने पर दिल वाली जगह पर पहुँच चुकी थी.
“तुम्हारा ही दिल हैं सीने में वापस चाहिए क्या?”-इवान्स ने मजाक भरे लहज़े में कहा.
“हाँ”-रोजलीन ने जोर से सारे नाख़ून सीने पर चुभाने ही वाली थी की....
“राजकुमार इवान्स को रानी एंगेलिका ने अपने कक्ष में बुलाया हैं”-एक दासी की आवाज सुनते ही रोजलीन ने अपना हाथ इवान्स के सीने से हटाया.
इवान्स उठकर चला गया. रोजलीन उसे जाते हुए देख रही थी.
राजा क्रिस्टन अपने कक्ष में आराम कर रहे थे.
“राजकुमारी रोजलीन आपसे मिलना चाहती हैं”-एक सेवक ने कक्ष में प्रवेश कर क्रिस्टन से  अनुरोध किया.
क्रिस्टन ने हाथ से इशारा कर अनुमति दी. रोजलीन के कक्ष में प्रवेश करते ही राजा अपनी जगह से उठे.
“आओ, बैठों”-और रोजलीन को अपने समीप पलंग पर बैठने का न्यौता दिया.
“नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं”
“कहो, कैसे आना हुआ?”
“कुछ बताना था आपको, एक राज की बात”
“राज की बात!”-क्रिस्टन ने जिज्ञासा भरी निगाहें उसके चेहरे पर डाली.


कहानी अभी बाकी हैं....


अगली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -6- (विच रिटर्न्स एंड घोस्ट इस बैक)


For more updates about upcoming parts of THE ESCORT HEART.... Like Facebook Page.... Lines From Heart