पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -3-(गर्ल, वैम्पायर्स एंड घोस्ट अलविदा)

एक तीर इवान्स के दिल को चीरते आर-पार कर गया. कुछ पल इवान्स जहाँ था वहीँ रुक गया. दिल को आर-पार किये तीर पर दर्द भरी करहाती निगाहें डाली. इवान्स जमीन पर गिर पड़ा.             लड़की की निगाहें उसकी आँखों में अटकी ही रह गयी, उसका जगमगाना बंद हो गया, वो इवान्स की तरफ भागी. इवान्स ज़मीन पर तड़प रहा था. उसके पास पहुंचकर लड़की ने अपने कांपते हाथो से इवान्स के गालो को सहलाने लगी. इवान्स को तडपते देख वो रोने लगी. इवान्स अपनी आखिरी साँसे गिन रहा था. उसने अपनी आंख्ने बंद कर दी थी. उसकी धडकने धीरे से ही सही पर उल्टे पाँव लौट रही थी. अगले ही पल लड़की ने अपने आंसू पौंछे और इवान्स के दिल से तीर निकाल दिया. फिर उसके कपड़ो में कुछ ढूंढने लगी, उसे इवान्स की कमीज़ से एक खंजर मिला. बिना कुछ सोचे-समझे उसने खंजर से अपनी छाती पर वार किया, अपनी छाती के दिल वाले हिस्से के काटकर लड़की ने अपना दिल बाहर निकाला. उसे ज़रा-सा भी दर्द नहीं हुआ. ना ही वो विचलित हुईं. उसका दिल उसके हाथ में था फिर भी वो जिंदा थी. फिर अपना एक हाथ कटे छाती के हिस्से पर फेरा और उसकी छाती फिर से पहले जैसी हो गयी, मानो उसने उसे थोड़ी देर पहले काटा ही न हो. अगले पल उसने इवान्स के साथ भी कुछ ऐसा ही किया. खंजर से उसका सीना काट उसका दिल बाहर निकाला और अपना दिल उसके सीने में डाल दिया. उसके सीने पर उसने थोड़ी देर अपना हाथ फेरा, इवान्स का शरीर सामान्य हो गया. धडकनें दुबारा दौड़ने लगी. इवान्स
 ने अपनी आँखें खोल दी. लड़की ख़ुशी में फिर से जगमगाने लगी थी. चारो तरफ रोशनी ही रोशनी. इवान्स आश्र्यचकित निगाहों से उसे देखने लगा फिर उसने अपने सीने पे हाथ फेरा तो चौंकते हुए उठ बैठा.
कौन हो तुम?, मैं तो मरने वाला था, जिंदा कैसे हो गया?

मैं एक परी हूँ, मैंने अपनी जादुई शक्तियों से तुम्हे जिंदा कर दिया
तुमने जिंदा किया मुझे, लेकिन क्यूँ?, इतनी मेहरबानी कैसे
पता नहीं, शायद तुम्हारी आँखों में कोई जादू हैं, मैं खुद को रोक न पाईं तुम्हे जिंदा करने से
दोनों एक-टक एक-दुसरे को देखने लगे. एक लम्बी खामोशी. परी नदी किनारे जाकर एक बड़े पत्थर पर बैठ गई. इवान्स भी उसके पास आकर बैठा. दोनों के पैर नदी के तेज प्रवाह को रोकने की असंभव कोशिश कर रहे थे. रोजलीन की नजरें दोनों के पैरो पर खुशनुमा नजरे जमाये थी, तो इवान्स उसके चाँद सी रोशनी में जगमगाते चेहरे को निहार रहा था.
तुम्हारी आँखों ने भी की मुझे पूरी रात सोने नहीं दिया-इवान्स ने चुप्पी तोड़ी.
रोजलीन ने इवान्स की तरफ देखा फिर अपनी नजरें झुका दी. उसका चेहरा शर्माते हुए लाल हो गया. इवान्स के होंठो पे एक लम्बी मुस्कान.
नाम क्या हैं तुम्हारा?-रोजलीन ने नजरे इवान्स की तरफ उठाई.
मैं जंगल के उस पार एस्कॉर्ट राज्य का राजकुमार इवान्स और तुम
मैं परी रोजलीन
एक परी होकर तुम यहाँ क्या कर रही हो?, जंगले में नदी किनारे?
कुछ पिशाच मेरा खून पीना चाहते हैं, मेरा खून पीने से वे अमर हो जायेंगे, अपनी जान बचाने के लिए मुझे नदी का सहारा लेना पड़ा, क्यूंकि वो पानी में नहीं आ सकते
“लेकिन पिशाच तो अमर ही होते हैं, उन्हें वैसे भी कोई नहीं मार सकता हैं”
“ऐसा कुछ नहीं हैं, चांदी पिशाच के लिए अभिशाप हैं, वो चांदी से मारे जा सकते हैं, और हम परियों को चांदी वरदान हैं, इसलिए वो मेरा खून पीकर चांदी को स्वयं के लिए वरदान बनाना चाहते हैं”
“तुम्हे सब यह पता था तो फिर तुम्हे धरती पर आने की क्या जरुरत थी”
रोजलीन का चेहरा भावहीन हो गया. माथे पर धीरे-धीरे गुस्से की सलवटे पड़ने लगी.
“मैं एक डायन को ढूंढने आई हूँ”
“डायन”
“हाँ, जिसने मेरे माता-पिता का खून कर दिया”-इतना कहते ही गुस्से की सलवटे चुमंतर हो गई और आंसुओ ने गालोँ पर रास्ता नापना शुरू किया. इवान्स असमंजस में था कि उसे छुए या नहीं. आखिरकार उसने रोजलीन को गले लगा दिया. रोजलीन ने भी अपनी बांहें फैला दी. एक-दुसरे में सिमटते ही सूरज बादलों में चुप गया.
             तीर किसने मारा इन सब बातों को भुलाकर दोनों एक-दुसरे के प्रेम में डूब चुके थे. वहीँ दूसरी तरफ आलिना जादुई गोले में सारा माजरा देख जल रही थी. उसकी आँखों में शोले दिख रहे थे. झूठ-मुठ प्यार का नाटक कर राजकुमार को फंसाने आयी आलिना उससे प्यार करने लगी थी. वो राजकुमार के पुतले को ढूंढ रही थी ताकि उसे अपने इशारों पे नचा सके. लेकिन वो उसे कहीं नहीं मिल रहा था.
              इवान्स-रोजलीन की मुलाकाते बढ़ने लगी थी, मोहब्बत सांतवे आसमान पर थी. दोनों हाथ में हाथ डाल, बांहों में बांहें डाल एक पल भी एक-दुसरे से जुदा नहीं होने चाहते थे. इवान्स रोजलीन को महल ले जाकर शादी करना चाहता था, लेकिन रोजलीन चाहती थी थोडा वक़्त और इंतज़ार किया जाए.
             आलिना उन दोनों को एक-दुसरे से अलग करने की हरसंभव कोशिश कर रही थी, लेकिन उसका दिल इतना बुरी तरह से टुटा था. वो इवान्स के अन्तर्मन से जुड़ चुकी थी और रोजलीन से ईर्ष्या में अंदर से वो इतनी जल चुकी थी की उसकी शक्तियां उसके काबू से बाहर हो चुकी थी और पुतला तो पहले से ही गुम हो चुका था. उसमें जरा सी भी हिम्मत न बची थी की वो उनके सामने जा सके. उसे डर था की अगर राजकुमार ने रोजलीन के सामने उससे बात नहीं की, उसे नजरंदाज कर दिया तो वो खुद को संभाल न पाएंगी.
             आखिरकार उसने ठान ली की वो उस परी से अपना प्यार छीनकर रहेंगी. वक़्त तेजी से बीत रहा था. एक तरफ प्यार दो दिलों में उफान पर था, तो दूसरी तरफ कोई तैयारी कर रहा था उफान को थामने की. आलिना जुट गयी थी अपनी जादुई शक्तियों को फिर से अपना गुलाम बनाने में.
            वो दिन आ चुका था जब इवान्स की ज़िन्दगी में उफान आने वाला था. इवान्स और रोजलीन एक दुसरे का हाथ थामे जंगल में मोहब्बत की सैर कर रहे थे. तभी आसमान से रफ़्तार के साथ आलिना उनके सामने जमीन पर आकर रुकी. दोनों एक पल तो चौंक गये.
खूबसूरत हकीम आलिना-इवान्स ने उसे पहचानने में कतई देर नही की.
“तुम आसमान से कैसे आई?, तुम जादूगरनी भी हो क्या?”
हाँ, मैं एक जादूगरनी डायन हूँ-आलिना रोजलीन की तरफ देखते हुए गुस्से में बोली.
तुम डायन हो, तो तुमने मुझसे झूठ कहा उस दिन
सच कहती तो क्या तुम मुझसे प्यार करते-आलिना ने इवान्स की तरफ देखा.
प्यार इवान्स चौंका.
हाँ, मैं तुमसे प्यार करती हूँ, बेइम्तेहा
एक डायन से, शायद नहीं-इवान्स नफरत भरी आवाज में बोला.
कर लेते तुम मुझसे, अगर इस परी ने तुम्हे मुझसे नहीं छिना होता-आलिना ने फिर से रोजलीन की तरफ गुस्से से देखा.
प्यार कभी किसी से छीना नहीं जाता, नहीं जबरदस्ती करवाया जाता हैं
पता हैं, लेकिन इस परी के मरने के बाद तो करोंगे-आलिना की आँखों में असीमित गुस्सा दिख रहा था.
इवान्स, रोजलीन के आगे खड़ा हो गया.
इसे मारने से पहले, तुम्हे मुझे मारना होंगा
मुझे मारने की गलती कभी मत करना-रोजलीन, इवान्स के पीछे से निकलते हुए बोली.
क्यूँ डर गयी या पहले कभी मुझ जैसी ताकतवर डायन से मुकाबला नही किया
अगर तुमने मुझे मार दिया तो इवान्स भी मर जायेंगा
आलिना और इवान्स रोजलीन की तरफ देखने लगे.
इवान्स के सीने में जो दिल धड़क रहा हैं वो मेरा दिल हैं और अगर मैं मर गयी तो इवान्स भी जिंदा नहीं रहेंगा
मेरे सीने में तुम्हारा दिल, तुमने तो कहा था कि तुमने मुझे अपनी शक्तियों से जिंदा किया हैं, तुम जिंदा कैसे हो?-इवान्स अपने सीने पर हाथ रखते हुए बोला.
मुझे परियों की देवी से वरदान मिला हैं की मैं किसी एक मनुष्य को अपना दिल देकर ज़िंदगी दे सकती हूँ, फिर भी मैं नहीं मरूंगी, मैंने जब तुम्हे पहली बार देखा तो मुझे तुमसे प्यार हो गया था और तुम्हारी ज़िन्दगी से महत्वपूर्ण मेरी लिए और कुछ भी नहीं हैं-और दोनों एक दुसरे को काफी देर देखते हैं और फिर एक अटूट बंधन में सिमट गए.
दोनों को लिपटते देख आलिना ज़मीन पर बैठ टूटे दिल से रोने लगी, वो न तो रोजलीन को मार सकती थी या न राजकुमार को जबरदस्ती प्यार करवा सकती थी. तभी झाड़ियो के हिलने की आवाज आने लगी. सभी झाड़ियों की तरफ देखने लगी. देखते ही देखते चार पिशाच झाड़ियों से बाहर निकल आये. उनमें से तीन पुरुष थे और एक औरत.
कितनी अच्छी किस्मत हैं आज तो नदी भी पास नहीं हैं-एक पिशाच बोला.
पिशाच!-रोजलीन के माथे पे हल्के से डर की सलवटे पड़ने लगी. यह सलवटे इसलिए नहीं थी कि वो पिशाच उसे मार डालेंगे, वजह यह थी कि इवान्स के सीने में उसका दिल था और उसकी मौत इवान्स की मौत की भी वजह बन जायेंगी.
तुम्हे इसका खून पीने से पहले मुझसे निपटना होंगा-इवान्स फिर से रोजलीन की रक्षा के लिए उसके आगे आ खड़ा हुआ. उसने म्यान में से तलवार निकाली.
तो ठीक हैं मुक्ति से पहले किसी मनुष्य का आखिरी बार खून ही सही
नहीं, तुम इवान्स का खून नहीं पी सकते-रोजलीन चिल्लाई..
क्यूँ तुम रोकोंगी हमें-सब पिशाच हँसने लगे.
अगर तुमने इवान्स का खून पी उसे मार दिया तो मैं फिजाओं में छूमंतर हो जाउंगी और एक परी का बिना खून पीकर तुम्हारे अमर होने का सपना, सपना ही रह जायेंगा, क्यूंकि इवान्स के सीने में मेरा दिल हैं, इसलिए तुम्हे मुझसे लड़ना होंगा पहले-रोजलीन, इवान्स के आगे आकर खड़ी हो गयी.
आलिना को फिकर होने लगी कि अगर परी मर गयी तो उसका इवान्स भी जिंदा नहीं रहेंगा.
इन दोनों तक पहुँचने के लिए तुम्हे एक जादूगरनी डायन को ख़त्म करना होंगा-आलिना उन दोनों के आगे आकर खड़ी हो गयी.  
           लड़ाई शुरू हो होने वाली थी एक तरफ चार पिशाच तो दूसरी तरफ एक सामान्य राजकुमार, एक परी और एक जादूगरनी डायन. पिशाच इवान्स को मार नहीं सकते थे. आलिना को अपना प्यार बचाने के लिए हर हाल में अपनी दुश्मन रोजलीन को बचाना था. इवान्स अपनी कुर्बानी देकर परी को फिजाओं में छूमंतर करवाना चाहता था. लड़ाई शुरू हो गयी. पिशाच बहुत ताकतवर थे, उनके चुनौती देना टेढ़ी खीर थी. पिशाच अमर थे, वो सिर्फ चांदी से मर सकते थे लेकिन आलिना-रोजलीन ज्यादा ताकतवर नहीं थे कि वो पिशाच की रफ़्तार को मात दे सके. उन पर हर वार नाकाम था.
           लेकिन इसका अंत वैसा नहीं हुआ जैसा उन तीनो ने सोचा था. पिशाच ने सबसे पहले डायन आलिना को चारो खानी चित कर दिया. वो बुरी तरह से घायल बेहोश हो चुकी थी. राजकुमार इवान्स अपने मकसद में कामयाब न हो पाया. पिशाच रोजलीन का खून पीने में सफल हुए. जैसे-जैसे वो रोजलीन का खून पी रहे थे, इवान्स जमीन पर पड़ा तड़प रहा था. रोजलीन का खून पीते ही पिशाच और ज्यादा ताकतवर दिखने लगे. वो अब पूर्णरूप से अमर थे. रोजलीन को उन्होंने नदी में फेंक दिया. पिशाच वहां से चले गए. रोजलीन के मरते ही इवान्स ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया.
           शाम होने आई थी. इवान्स के महल नहीं पहुँचने के कारण राजा-रानी चिंतित हो रहे थे. उन्होंने नेफ्थन को आदेश दिया कि वो सिपाहियों के साथ उसे जंगल में ढूंढने जाए. जंगल में आलिना को होश आया. उसने देखा कि इवान्स ज़मीन पर पड़ा था. उसके पास जाकर उसने उसकी दिल के वहां कान लगाया. धडकने थम चुकी थी. आलिना को धीरे-से झटका लगा हो वैसे इवान्स से दूर हो गई. शून्य की स्तिथि. वो चिल्ला-चिल्लाकर रोना चाहती थी पर नहीं रो पा रही थी. तभी किसी के कदमों की आहट सुन वो उठी. नेफ्थन और सिपाही इवान्स को ढूंढते वहां पहुँच चुके थे. आलिना वहां से चली गई.
           अगली सुबह राजकुमार इवान्स का अंतिम-संस्कार था. पूरा राज्य ग़मगीन था. उन्होंने अपना भावी सम्राट खो दिया था. सबको भविष्यवाणी झूठी लग रही थी. कोई कह रहा था कि भविष्यवाणी सच हुईं होती तो इवान्स नहीं मरता. बस यही एक बात थी जिस वजह से एस्कॉर्ट की प्रजा को इवान्स के मरने का ज्यादा दुःख नहीं था. राजा-रानी की आँखें गीली थी कि वो दुबारा से निसंतान हो चुके थे. सबसे ज्यादा दुःख नेफ्थन को था कि पुराणी समस्या एस्कॉर्ट के सामने दुबारा उपस्थित थी कि क्रिस्टन के बाद एस्कॉर्ट का राजा कौन?
           अपने घर में घायल आलिना इवान्स के दर्द में तड़प रही थी. वो काफी घायल थी लेकिन फिर भी वो गुस्से में घर के सामानों को तोड़ रही थी. उसने कभी ऐसी उम्मीद न की थी की राजकुमार को बिना हासिल किए उसे खो देंगी. घर के सामानों को इधर-उधर तोड़ते हुए उसने एक टेबल को गुस्से में लात मारी. टेबल अपनी जगह से दुरी और लुढ़क गया. आलिना की निगाहें खुली की खुली रह गयी. राजकुमार का पुतला टेबल के पीछे गिरा पड़ा था जिसमें उसने इवान्स की इसकी रूह कैद की थी.
अब यह पुतला किस काम का, राजकुमार तो इस दुनिया में रहा नहीं, जला दूंगी इस पुतले को भी और मेरे को भी-आलिना रूहांसे स्वर में बोली.
आलिना ने पुतले को अपनी छाती से लिपटा दिया, और हँसते हुए बोली “मैं आ रही राजकुमार इवान्स और अपने आप को आग लगा दी.

         शमशान में चिता पर लेटे इवान्स में अचानक जान आ गयी, वो उठ बैठा. किसी को समझ में नही आ रहा था की यह क्या हो गया?, मरा हुआ इंसान वापस कैसे जिंदा हो गया? लेकिन राजा-रानी को इस बात की कोई परवाह नहीं थी की वो जिंदा कैसे हो गया?, उन्हें तो अपना बेटा वापस मिल गया था. नेफ्थन को ख़ुशी थी कि समस्या का समाधान दुबारा हो चुका था. उसे वापस जिंदा होते देख राज्य की प्रजा के मन में फिर वो ही बात लौट आई....’भविष्यवाणी’.

कहानी अभी बाकी हैं....

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