पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -2- (दी मैजिशियन विच आलिना)


           हिरण इवान्स के पास खड़ा उसे घुर रहा था. तभी पास के कच्चे रास्ते पर पुरानी शाही घोड़ागाड़ी आ रही थी, जिसके आगे चार घोड़े बंधे थे और उसे खूबसूरत आलिना चला रही थी. आलिना को आते देख भूत को दुबारा गायब होना पड़ा. ज़मीन पर बेहोश पड़े इवान्स के पास आकर घोड़ागाड़ी रुकी. आलिना नीचे उतरकर पहले इवान्स के सीर पर हाथ फेरा, फिर हिरण की तरफ देखा.

बद्तमीज़, मार तो नहीं डाला मेरे राजकुमार को, चल भाग अब यहाँ से-चेहरे पर जबरदस्ती चिंता के भाव प्रकट करते हुए बोली.

इतना कहते ही हिरण वहाँ से भाग गया. आलिना ने घोड़ों की तरफ देखा और आँखों से जादू कर उन्हें इंसान बना दिया. उन चारो इंसानों ने इवान्स को उठाकर गाडी में रखा फिर से वापस घोड़े बन गये.  घोड़ागाड़ी चल पड़ी आलिना के घर की तरफ.

इवान्स पलंग पर बेहोश लेटा था. आलिना ने इवान्स को एक जादुई दवा पिलाई और उसे होश आ गया. अपने आप को अनजान जगह पर देख उठ बैठा, लेकिन उसका सिर अभी भी चकरा रहा था.

राजकुमार आप चिंता न करे, अब आप एकदम ठीक हैं

तुम कौन हो और मैं यहाँ पर क्या कर रहा हूँ?

मैं एक हकीम हूँ, आपको जंगल में बेहोश देखा तो अपने घर ले आई इलाज को

“मैं तो हिरण का शिकार करने उसके पीछे गया था लेकिन उसने अचानक....”-इवान्स सिर पर हाथ रख सोचने की कोशिश कर रहा था कि वाकई हिरण ने उस पर हमला किया था.

“चिंता की कोई बात नहीं हैं मैंने आपको दवा दे दी, जल्दी वो असर करना शुरू कर देंगी”-दोनों ने एक-दुसरे की तरफ देखा.

ताज्जुब हैं इतनी खूबसूरत हकीम, शुक्रिया-इवान्स धीरे से बोला.

क्यूँ कोई खूबसूरत लड़की हकीम नहीं हो सकती?

खूबसूरत लडकियाँ लोगो की जान निकाल लेती हैं, तुम तो जान बचा रही हो

आप कुछ ज्यादा ही तारीफ़ कर रहे हो

“वैसे मैं खुबसूरत हकीम का नाम जान सकता हूँ?”

“आलिना और तुम एस्कॉर्ट के राजकुमार इवान्स”

“तुम्हे कैसे पता?”

“कुछ नाम कभी छुपें नहीं रहते”-आलिना मुस्कुराई.

शायद ठीक कहा तुमने, मुझे अब चलना चाहिए, सिपाही मुझे ढूंढ रहे होंगे, तुम्हारी जो भी शुल्क होंगी, वो मैं महल पहुंचकर भिजवा दूंगा

एक आकर्षक राजकुमार का चुम्बन मिल जाए तो शुल्क से कहीं बढ़कर होंगा

इवान्स हँसा.

ठीक हैं, मुझे भी एक खूबसूरत हकीम को चुम्बन देने में कोई हर्ज़ नहीं

         दोनों एक दुसरे के करीब आए, चुम्बन करते वक़्त आलिना ने अपनी बायीं हाथ की उंगुली टेबल की तरफ इंगित की और अगले ही पल उंगुली से एक बिजली निकली जो टेबल पर पड़े एक पुतले में प्रवेश कर गयी. आलिना ने इवान्स की रूह को उस पुतले में कैद कर दिया था.

         इवान्स जा चुका था. आलिना जोर-जोर से हँस रही थी.

एक तीर से दो शिकार, मुझे मेरे प्यारे राजकुमार का चुम्बन भी मिल गया और अब वो मेरी  कैद में हैं, उसे मुझसे कोई नहीं छीन सकता

        तभी अचानक तेज़ हवाएं चलने लगी जैसे तूफ़ान आने वाला हो. घर की सभी चीज़े हिलने-डुलने लगी. टेबल पर रखा इवान्स की रूह कैद वाला पुतला टेबल के पीछे की तरफ गिर गया. आलिना खुद को गिरने से संभाल रही थी.

        जंगल में पेड़ की टहनियां हिल रही थी, बिजलियाँ चमक रही थी. एक लड़की जिसका अंग-अंग रोशनी से जगमगा रहा था, नीली आँखें, सफ़ेद पौशाक, सुनहरे बाल, बिजली सी तेज़ रफ़्तार से भाग रही थी. उसके पीछे चार पिशाच थे. उनकी रफ़्तार भी उस लड़की की रफ़्तार को टक्कर दे रही थी. उन पिशाच से जान बचात-बचाते वो नदी किनारे पहुँच गयी और नदी में कूद गयी. चारो पिशाच नदी किनारे आकर रुक गये.

नदी में कूदे क्या?-एक बोला.

भूल गये, पिशाच संसद ने हमें प्रतिबंधित किया हैं नदी में जाने से, इससे मुलाक़ात हम फिर कभी कर लेंगे, अभी चलते हैं-सब वहाँ से चले गये.

        तूफ़ान थम चुका था. इवान्स घोड़े पर सवार अपने महल की तरफ बढ़ रहा था. भूत फिर से प्रकट हुआ.

“तुम कहाँ चले गए थे मुझे अकेला छोड़कर”-इवान्स गुस्से में बोला.

“ऐसे ही कुछ काम याद आ गया था”

              तभी इवान्स की नजर नदी किनारे बैठी उस लड़की पर पड़ी. वो रोशनी से जगमगा रही थी. घोड़ों के कदमो की आहट से उस लड़की ने इवान्स की तरफ देखा, उसको देखते ही इवान्स पलक झपकाए लगाम खिंच घोड़े को रोक दिया और भूत दुबारा से गायब हो गया. लड़की बेहद खुबसूरत थी. दोनों एक-दुसरे की आँखों में आँखें डाल प्यार से देख रहे थे. इवान्स उस लड़की की आँखों में खो चूका था, दोनों ही एक दुसरे में खो चुके थे. शेर के दहाड़ने की आवाज के साथ ही दोनों की टकटकी टूटी. इवान्स ने महल की तरफ अपने घोड़े को रफ़्तार दी.

               इवान्स पूरी रात ठीक से सो नहीं पाया, उसे बार-बार उस हसीन लड़की की याद आ रही थी, उसे दुबारा देखने के लिए सुबह होने का इंतज़ार कर रहा था. तभी भूत ने कमरे में प्रवेश किया. उसे देखते ही इवान्स उठ बैठा.

“कहाँ थे तुम?”

“दोस्त, कुछ काम याद आ गया था”

“भूत, तुम जरुर कुछ मुझसे छुपा रहे हो?”

“छुपा तो तू भी रहा हैं मुझसे”

इवान्स ने भूत से नजरे चुराने की कोशिश की.

“मैं इंतज़ार कर रहा हूँ कितनी जल्दी सुबह हो और मैं उससे जाकर अपने प्यार का इजहार करूँ”

भूत जोर-जोर से हंसने लगा. 

“हंसने की क्या बात हैं और कल तुम मेरे साथ नहीं चलोंगे, मैं उससे अकेले में मिलना चाहता हूँ”

“वैसे भी तुम्हारे साथ चल कौन रहा हैं जो बोल रहे हो”

                    तभी अगले ही पल आधी रात हो चुकी थी, इवान्स को पुकारे जाने की आवाज सुनाई देने लगी थी.

“इवांस, मेरे पास आओ एक बार, मुझे तुम्हे अपने सीने से लगाना हैं.... एक बार मेरे पास आओ इवान्स...  

                इवान्स के चेहरे पर बैचेनी साफ़ झलक रही थी. अगले ही पल वो उसे आवाज का पता लगाने के लिए भागा, भूत भी तेजी से हवा में तैरते उसके पीछे-पीछे गया. वो उल्लू आज भी उन्हें दिखाई दिया. इवान्स-भूत महल के हर एक रास्ते से गुजर रहे थे, आवाज कभी तेज तो कभी धीरे हो रही थी, लेकिन यह अंदेशा लगाना नाकाम था की वो कहाँ से आ रही हैं? दोनों ने इससे पहले भी कहीं बार उस आवाज को ढूंढने की कोशिश की लेकिन हर बार नाकाम रहे. दोनों वापस अपने कमरे में लौट आये. इवान्स काफी परेशान दिखाई दे रहा था, मानो जैसे उसका सिर फटने वाला हो. भूत भी इवान्स की ऐसी हालत देख परेशान हो रहा था लेकिन वो कुछ भी नहीं कर सकता था. इवान्स अपने कानों को अपने हाथों से ढक पलंग पर लेट गया, लेकिन आवाज कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी, मानो जैसे उसके जेहन से आ रही हो. तकिये से अपने कान ढक इवान्स फिर से जंगल वाली लड़की की यादों में खो गया और सुबह के इंतज़ार में उसे धीरे-धीरे नींद आ गई.

                    अगली सुबह इवान्स ने जैसे ही अपनी आँखें खोली, भूत को अपने सामने पाकर चकित रह गया. भूत आज उदास लग रहा था. इवान्स पलंग पर उठ बैठा. दोनों एक-दुसरे को देख रहे थे, लेकिन काफी देर तक कोई कुछ नहीं बोला.

“क्या हुआ, आज मेरे से पहले ही जग गए?”-इवान्स ने चुप्पी तोड़ी.

“मैं आज जा रहा हूँ”-भूत की आवाज ऐसे लग रही थी मानो काफी गहराई से आ रही हो.

“कहाँ?”

“तुमसे दूर, इस महल से दूर, इस राज्य से दूर”

“लेकिन क्यूँ?”

“ऐसे ही”

“मुझसे कोई गलती हुई, तो माफ़ कर दे यार”

“नहीं, ऐसा मत बोल मेरे दोस्त”

“तो फिर अचानक तुम्हे क्या हो गया हैं”-इवान्स अच्छा नहीं लग लगा था.

“अब तुम्हे मेरी जरुरत नहीं हैं, अब तुम्हारी ज़िन्दगी में कोई और आने वाली हैं”

“कौन?....वो नदी किनारें वाली लड़की”

“हाँ”

“तुम इतने यकीन के साथ कैसे कह सकते हो की कल वाली लड़की मेरी ज़िन्दगी में आने वाली हैं”

“बस ऐसे ही”

“अगर ऐसा ही हैं तो मैं आज उससे मिलने नहीं जाऊँगा, उसके लड़की खातिर मैं तुम्हे नहीं खो सकता”

“तुम्हे अपनी दोस्ती की कसम हैं तुम्हे जाना होंगा”

“लेकिन ऐसा भी क्या जरुरी हैं?”

“मुझे माफ़ करना मैं नहीं बता सकता”

“तुम पागल हो गए हो”

“पता नहीं, लेकिन तुम चिंता मत करो, एक दिन मैं वापस आऊंगा, क्यूंकि एक दिन तुम्हारा साथ देने वाला कोई नहीं होंगा, उस दिन तुम मुझे याद करना, मैं लौट आऊंगा”-भूत धीरे-धीरे पीछे तैरने लगा था.

“रुको, तुम क्या कह रहे हो, मुझे कुछ समझ में नही आ रहा हैं”-इवान्स उसकी तरफ बढ़ रहा था.

“काश! मैं तुमसे गले लग पाता, अब मेरे जाने का वक़्त हो गया”-भूत पीछे की और तैरते-तैरते खिड़की की करीब पहुँच चूका था, इवान्स उसकी ओर बढ़ रहा था.

“रुको, मेरी बात तो सुनो”-इवान्स को कुछ समझ में नहीं आ रहा था की यह अचानक उसे क्या हो गया. भूत खिड़की में हवा में तैर रहा था.

“तुम्हे अपनी दोस्ती की कसम हैं आज तुम उस लड़की से मिलने जरुर जाओंगे”-इतना कहते ही भूत ने चुटकी बजायी और टूटते सितारों के बीच गायब हो गया. इवान्स भागते हुये खिड़की के पास गया और बाहर की तरफ झाँका. सूरज रोज के मुकाबले और कमजोर दिखाई पड रहा रहा था. जिस हवा में उसका भूत दोस्त तैरता रहता था, वो हवा उसे थमी सी लग रही थी.

“भूत”-इवान्स जितना जोर से चिल्ला सकता था, उतने जोर से चिल्लाया. उसकी आँखें गीली हो चुकी थी. वो दुबारा से पलंग पर आकर स्तब्ध बैठ गया. बार बार कई सारे सवाल परेशान किये जा रहे थे कि भूत इस तरह अचानक उसे छोड़कर क्यूँ चला गया? उसने अपनी कसम क्यूँ दी कि मुझे उस लड़की से मिलने जाना ही होंगा? वो मेरी ज़िन्दगी में पक्का आने वाली हैं? और ऐसे कई सवाल.

                      इवान्स जंगल में निकल पड़ा था भूत का वादा पूरा करने. आज भी वो लडकी उसी नदी किनारे बैठी बहते पानी को देख रही थी. वो चमक, जगमगा रही थी. घोड़े के कदमो की आहट सुन उसने इवान्स की तरफ मुड़कर देखा. इवान्स ने उससे कुछ दुरी पर अपना घोडा रोका और उतरा. इवान्स को उतरते देख लड़की खड़ी हो गयी. इवान्स धीमे कदमो से उसकी तरफ बढ़ने लगा. दोनों आज भी एक-दुसरे की आँखों में आँखें डाल देख रहे थे. तभी अचानक....

               एक तीर इवान्स के दिल को चीरते आर-पार कर गया. कुछ पल इवान्स जहाँ था वहीँ रुक गया. दिल को आर-पार किये तीर पर दर्द भरी करहाती निगाहें डाली. इवान्स जमीन पर गिर पड़ा.


कहानी अभी बाकी हैं....


अगली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -4- (डेथ एंड अलाइव)


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