“तुम जाकर राज्य में ऐलान करो की राजा क्रिस्टन एस्कॉर्ट के राजकुमार के साथ आ रहे हैं”- नेफ्थन ने एक सिपाही को आदेश दिया. भूत मुस्कुराते हुए तालियां पीटने लगा. आदेश मिलते ही सिपाही घोड़े पे सवार राज्य की तरफ रवाना हुआ. राजा ने मासूम का माथा चूमा और उसे सीने से लगा दिया.
                     घोड़े पे सवार सिपाही पहाडियों से घिरे एस्कॉर्ट राज्य की तरफ बढ़ रहा था. कच्चे-पक्के मकान, बाजार, गलिया और अंत में क्रिस्टन का आलिशान राजमहल जो ऊँचे पहाड़ से सटा था. राज्य के दाहिनी तरफ घना जंगल था, तो बायीं तरफ खुला हरा-भरा मैदान. पहाड़ियों से घिरे एस्कॉर्ट में प्रवेश करने के तीन दरवाजे थे. एक मुख्य दरवाजा ठीक सिपाही के सामने था, दुसरा दरवाजा दाहिनी तरफ जंगल की ओर था शिकार खेलने करने के लिए तो तीसरा दरवाजा बायीं तरफ मैदान की ओर बहादुरी और कुर्बानी का खेल खेलने के लिए. तीनों दरवाजे सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद बंद रहते थे. चारो तरफ की पहाड़ियाँ एस्कॉर्ट को महफूज़ रखने के लिए काफी थी, लेकिन राजा क्रिस्टन ने पहाड़ियों पर भी सैनिकों की टुकडियो से लैस चौकिया बना रखी थी, जो हर 50 फीट पर मौजूद थी.

                     घोड़े पे सवार सिपाही राज्य के मुख्य दरवाजे से प्रवेश करते जोर से चिल्लाना शुरू किया. “सुनिए, सुनिए, सुनिए....” सब लोग अपने काम से ध्यान से हटा सिपाही की तरफ देखने लगे.

“एस्कॉर्ट राज्य के लिए खुशखबरी की बात हैं, राजा को जंगल में एक 10 महीने का बच्चा मिला हैं, उन्होंने उसे गोद लेने का ऐलान किया हैं, वो बच्चा होगा एस्कॉर्ट का भावी राजकुमार, एस्कॉर्ट का उत्तराधिकारी”
 

सब लोगो के चेहरे पर ख़ुशी व आश्चर्य के मिलेजुले भाव थे. सब एक-दुसरे का मुंह देख रहे थे.

“क्या भविष्यवाणी सच हो गई?”


“यकीन नहीं हो रहा हैं”

“क्या वाकई हमें हमारा राजा मिल गया?”

“एस्कॉर्ट के देवता का लाख-लाख शुक्र हैं”

                      चारो तरफ यहीं बातें चल रही थी. सिपाही राजमहल पहुँच चूका था. चारो तरफ हर्ष व उल्लास की लहर बह रही थी. सिपाही ने रानी एंगेलिका को खुशखबरी सुनाई, रानी ने सौ सोने के सिक्के सिपाही को उपहारस्वरूप दिए और उसे आदेश दिया कि घोड़ागाड़ी तैयार करे वह स्वयं राजकुमार को लेने जायेंगी. घोड़ागाड़ी रवाना हुई. राज्य के बीचोंबीच रास्ते से गुजर रही थी. रानी गाडी के शीशे के भीतर से पर्दा हटा प्रजा को मुस्कुराते हुए देख रही थी. प्रजा राजकुमार की एक झलक देखने के लिए रास्ते के किनारे बेसब्री से खड़ी इंतज़ार कर रही थी.

                        कुछ पलों के बाद मुख्य दरवाजा खुलता हैं. सेनापति और सिपाहियों ने जय-जयकार के साथ राज्य में प्रवेश किया.

“राजकुमार की जय”

“राजा क्रिस्टन की जय”

“रानी एंगेलिका की जय”

“राजकुमार की जय”

                        उनके पीछे रानी की घोड़ागाड़ी आ रही थी. चालक के बगल में बैंठे राजा क्रिस्टन की गोद में राजकुमार लेटा था, जो गहरी नींद में था, उसे नहीं पता था की जब वो सपनो की दुनिया के बाहर आयेंगा तो उसकी नयी ज़िन्दगी शुरू होने वाली थी. लोग राजकुमार की एक झलक देखने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे. साथ ही राजकुमार की जय-जयकार भी, लेकिन राजा-रानी की नहीं.

“यकीन नहीं होता कि भविष्यवाणी सच हो गई”-जयकारो के बीच भीड़ में अभी भी यह बात चल रही थी.

                        घोड़ागाड़ी के पीछे-पीछे सारी जनता चलने लगी. घोड़ागाड़ी ने महल में प्रवेश किया. जनता बाहर ही रुक गई. सबकी नजर महल की पहली मंजिल की बालकनी पर टिकी थी. सूरज डूबने लगा था लेकिन एस्कॉर्ट की जनता के लिए तो सूरज उस वक़्त शाम को उदय हुआ था, आसमान में बादल उमड़ने लगे थे.

                        राजा, रानी बालकनी में आये. राजा ने अपने दोनों हाथों मैं बच्चे को सुला रखा था. राजा-रानी आज से पहले इतने खुश कभी नहीं दिखे थे. राजा ने अपने हाथों को आसमान की तरफ उठाया और बुलुंद आवाज में बोले....

“यह नन्ही जान आज से मेरा पुत्र हैं और एस्कॉर्ट का राजकुमार ‘इवांस’ ”

इतना कहते ही आसमान में जोर से बिजली कडकी और देखते ही देखते तेज़ बारिश शुरू हो गई.... भीड़ से जय-जयकार की गूंज जारी थी.

आधी रात बीते इवान्स माँ के आँचल में सीर छुपाये गहरी नींद के आगोश में सोया था. उनके बगल की खिड़की में एक उल्लू बैठा था.

“इवांस, मेरे पास आओ एक बार, मुझे तुम्हे अपने सीने से लगाना हैं.... एक बार मेरे पास आओ इवान्स” एक औरत की आवाज सुनाई दी और इवान्स जग गया. जोर-जोर से रोने लगा. उसकी रोने की आवाज सुनते ही एस्कॉर्ट का भूत प्रकट हुआ. कुछ देर बाद रानी भी जग गई. उन्होंने रोते इवान्स को छाती से लिपटा चुप कराने की कोशिश की लेकिन फिर भी वो चुप नहीं हुआ. भूत उसे सहज भाव से देख रहा था. इवान्स को बार-बार पुकारे जाने की आवाज बार-बार आ रही थी. लेकिन वो आवाज इवान्स और भूत के अलावा किसी को भी सुनाई नहीं पड रही थी. राजा क्रिस्टन भागते-भागते रानी के कक्ष में पहुंचे. उन्होंने राजकुमार को अपने सीने से लगा कक्ष में इधर-उधर टहलने लगे लेकिन राजकुमार का रोना बंद नहीं हुआ.

“मुझे माफ़ कर देना मेरे दोस्त, मैं तेरी कोई मदद नहीं कर सकता, 25 बरस तक तुझे हर रात यह आवाज तुझे बैचेन करेंगी, सोने नहीं देगी, तुझे इस आवाज को सुनते हुए सोने की आदत डालनी पड़ेंगी”-भूत ने परेशानी भरे स्वर में कहा और वहां से गायब हो गया.

                 आधी रात को आवाज सुन राजकुमार का रोना रोज की बात हो चुकी थी. राजा-रानी की नींद भी हराम हो चुकी थी. महल में कहीं तांत्रिक बुलाये गए, इवान्स पर तरह-तरह के जादू टोन किये गए, लेकिन फिर भी उसका रोना जारी था, वजह थी राजकुमार को पुकारे जाने की आवाज.

                 दिन बीत रहे थे, सप्ताह बीत रहे थे, महीने बीत रहे थे. इवान्स धीरे-धीरे बड़ा हो रहा था. वो चलने लगा था. उसे एस्कॉर्ट का भूत हर वक़्त अपने आस-पास दिखाई देता, उसे देखकर इवान्स मुस्कुराने लगता और भूत इवान्स को देखकर.

                  एक दिन राजा, रानी, सेनापति राजकक्ष में बैठे थे. कुछ सिपाही भी थे वहां जो खड़े थे. इवान्स क्रिस्टन की गोद में बैठा उनके गले में पहनी मोतियों की माला से खेल रहा था. तभी एक सेवक वहां आया, उसके हाथ में मिठाई से भरा थाल था. उसी वक़्त राजा के दाहिनी तरफ खिड़की पर एस्कॉर्ट का भूत प्रकट हुआ. वो खिड़की में बैठ गया. राजा ने इवान्स से कहा की वो मिठाई सबमें बाँट दे. इवान्स समझदार हो गया था. उसने सबसे पहले नेफ्थन को मिठाई दी, फिर क्रिस्टन के इशारे पर अपनी माँ को, फिर सेवक को, फिर क्रिस्टन ने उसे कक्ष में सिपाहियों को देने के लिए इशारा किया लेकिन इवान्स थाल से मिठाई उठा खिड़की की तरफ बढ़ा. राजा कर्स्टन, रानी एंगेलिका, नेफ्थन सब अचंभित निगाहों से उसकी तरफ देखने लगे. क्योंकि उन्हें खिड़की में कोई भी नजर नहीं आ रहा था. सबकी शक्ल साफ़ नजर आ रही थी की वे क्या सोच रहे थे. इवान्स भूत के सामने हाथ बढ़ खड़ा था, दोनों एक-दुसरे को देख मुस्कुरा रहे थे. रानी जल्द से उठ इवान्स की तरफ गई और उसे गोद में उठा कक्ष से बाहर चली गई. राजा बेहद चिंतित दिखाई दे रहे थे. नेफ्थन अपनी जगह से उठा और राजा के कंधे पर हाथ रखा.

“अक्सर कई बच्चो को बचपन में भूत, प्रेत, आत्मा दिखाई पड़ती हैं, शायद इवान्स भी उनमें से एक हैं, इसलिए आप फिकर मत करो, बढती उम्र के साथ सब पीछे छुट जायेंगे”-नेफ्थन ने राजा क्रिस्टन की शंका दूर की.

“नेफ्थन, यह बच्चा एक रहस्य बनता जा रहा हैं, आधी रात को रोता हैं, उसे कोई दिखाई देता हैं, ऐसा क्या हैं इस महल में जो हमे पहले कभी न दिखाई दिया ना अब, लेकिन जंगल में मिले इस बच्चे को दिखाई दे रहा हैं”-क्रिस्टन, नेफ्थन को अपने सवालों के बीच वहीँ छोड़कर चले गए.

               काफी वक़्त बीत चूका था. इवान्स बोलना सिख गया था. उसने अपने माता-पिता को बताया की उसे आधी रात को कोई औरत आवाज देती हैं, पर उसने उन्हें कभी भूत के बारे में नहीं बताया. वो इवान्स के कमरे में ही रहता था. हर वक़्त दोनों आपस में बातें करते थे, धीरे-धीरे बहुत अच्छे दोस्त बन गये. इवान्स का व्यक्तित्व आकर्षित था जो हर किसी का मन मोह लेता था, यही वजह थी कि प्रजा का चहेता बन गया था. इवान्स ने कभी प्रजा के सामने इस तरह व्यवहार नहीं किया कि वो एक राजकुमार, बस सबसे आम इंसान की तरह पेश आता. वक़्त को गुजरना था तो वो गुजरा, 10 सालों बाद.....                                                        

        एस्कॉर्ट से 150 कोस दूर पहाड़ी मैदान जो काफी उंचाई पर हैं, वहां एक शाही घोड़ागाड़ी खड़ी थी. चार हट्ठे-कट्ठे, खूबसूरत काले घोड़ो से जुडी गाड़ी को चलाने वाली शाही गाड़ी की खूबसूरती को भी मात दे रही थी. खुबसूरत जादूगरनी डायन ‘आलिना’, घने-लम्बे घुंघराले बाल, भूरी आँखें, गहरे लाल होंठ. वो उस पहाड़ी मैदान से पहाडियों से घिरे एस्कॉर्ट राज्य को देख रही थी.      

        आलिना ने लगाम हांकी और घोड़ागाड़ी चल पड़ी एस्कॉर्ट की तरफ. घना जंगल और खुले मैदान के बीच कच्चे रास्ते से गुजर रही थी. गाड़ी मुख्य द्वार पहुँचने ही वाली थी की, सामने से चार घोड़े एक ही पंक्ति में भागते आ रहे थे. सबसे आगे सफ़ेद घोडा जिस पर राजकुमार ‘इवान्स’ था बाकी तीन काले घोड़ों पर सैनिक. इवान्स बेहद आकर्षक नौजवान, हवा में लहराते उसके भूरे लम्बे बाल, आँखों में चमक, चेहरे पर तेज़. एस्कॉर्ट का भूत राजकुमार के सीर के पास हवा में गोते लगाते आगे बढ़ रहा था. जैसे ही उसकी नजर आलिना पर पड़ी वो गायब हो गया. इवान्स को सामने आता देख आलिना ने कब लगाम खिंच ली उसे पता ही नही चला. उसके जेहन में एक अजीब सी बिजली की लहर दौड़ी, दिल घोड़ो के कदमों की तेज आहटो के साथ तेज धडकने लगा था. जितनी तेज रफ़्तार के साथ राजकुमार उसके करीब से निकला, उससे दुगनी रफ़्तार से आलिना अपना दिल इवान्स को दे बैठी थी.

        जंगल के एक छोर पर बना पुराना-जर्जर मकान जो दिखने में भुतिया मकान जैसा दिख रहा था, असल में वहाँ आलिना ने अपना आशियाना बना रखा था. घर के भीतर हर पांच फीट पर एक मशाल जल रही थी, जो अँधेरे को काबू करने के लिए काफी थी. पलंग पर लेटी आलिना अपने हर करवट के साथ राजकुमार को याद कर रही थी. उसकी आँखें छत की दीवार पर टिकी थी और उसे घोड़े पे सवार राजकुमार इवान्स नजर आ रहा था, आकर्षित कद-काठी, हवा में लहराते भूरे लम्बे बाल, चमकती आँखें.

         अगले दिन घर में एक बड़े से हॉल के बीचो-बीच आलिना खड़ी थी, अपने एक हाथ से दुसरे हाथ को पकडे हुए, आँखें बंद, उसके सामने रखे छोटे टेबल पर बड़ा-सा कांच का एक गोला. अगले ही पल आलिना ने अपने होंठ हिलाने शुरू किए. मन ही मन कुछ बोल रही थी, फिर उसने अपनी आँखें खोली जो एकदम लाल थी....

ए, जादुई गोले, हुस्न की डायन देखना चाहती हैं की उसका प्यारा राजकुमार इवान्स इस वक़्त कहाँ हैं

          इतना कहते ही कांच के गोले से आग की लपटे  निकलने लगी. कुछ देर बाद लपटे थमी तो घोड़ों के दौड़ने की आवाजे सुनाई पड़ने लगी और गोले में चार घोड़े जंगल में भागते हुए नजर आने लगे.

          जंगल के बीचो-बीच कच्चे रास्ते पर चार घोड़े एक ही पंक्ति में भाग रहे थे. सबसे आगे सफ़ेद घोडा जिस पर राजकुमार इवान्स था बाकी तीन काले घोड़ों पर सैनिक. भूत फिर से प्रकट हो चूका था, लेकिन वो आलिना को जादुई गोले में नही दिखाई दिया. घोड़ों के कदमो की तेज़ आहट से गिलहरियाँ अपना रास्ता बदल रही थी, तो खरगोश घास घनी घास में चुप रहे थे, पेड़ों पर बैठे बन्दर भागते घोड़ों पर सवार लोगो पर नजर जमाये थे. तभी इवान्स की नजर एक हिरण पर पड़ी, उसने अपने हाथ उठा सैनिको को रुकने को कहा. सैनिक रुक गये. इवान्स तीर-कमान उठा हिरण का पीछा करने लगा. हिरण का पीछा करते-करते वो जंगल में काफी दूर निकल गया.

लगता हैं अब वक़्त हो गया हैं मेरे प्यारे राजकुमार से मुलाकात का-आलिना ने अपने तेज़ कदम एक अलमारी की तरफ बढ़ाये, अलमारी से हिरण का पुतला निकाला.

मेरा हुक्म हैं राजकुमार पर पलटकर वार करो-आलिना ने हिरण की पुतले की आँखों में आँखें डाल कहा.

           इतना कहते ही जंगल में हिरण ने इवान्स पर हमला कर दिया. प्रहार इतना मजबूत था की इवान्स घोड़े से गिर उसका सीर पेड़ से जा टकराया. वो बेहोश हो गया.

“राजकुमारर.....”-भूत के मुंह से चीख निकली.


कहानी अभी बाकी हैं.....
 
अगली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -3- (गर्ल, वैम्पायर्स एंड घोस्ट अलविदा)


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